सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जासु सकल मंगलमय कीती। तासु पयान सगुन यह नीती।।
मूल पाठ
जासु सकल मंगलमय कीती। तासु पयान सगुन यह नीती।।
प्रभु पयान जाना बैदेहीं। फरकि बाम अँग जनु कहि देहीं।।
स्रोत अभिलेख 5.35 · पुस्तक पृ. 745, 746
भावार्थ
मूल पाठ के बादजिनकी कीॢत सब मङ्गलोंसे पूर्ण है, उनके प्रस्थानके समय शकुन होना, यह नीति है (लीलाकी मर्यादा है)। प्रभुका प्रस्थान जानकीजीने भी जान लिया। उनके बायें अङ्ग फड़क- फड़ककर मानो कहे देते थे [कि श्रीरामजी आ रहे हैं]॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 745 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जासु सकल मंगलमय कीती। तासु पयान सगुन यह नीती।।
English explanation
For one whose glory is wholly auspicious, auspicious omens at his departure are the natural order.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जासु | जिनकी | whose |
| सकल | सर्वथा | entirely |
| मंगलमय | मंगल से भरी | full of auspiciousness |
| कीती | कीर्ति | glory |
| तासु | उनके | his |
| पयान | प्रस्थान में | at departure |
| सगुन | शुभ शकुन | auspicious omens |
| यह | यह | this |
| नीती | स्वाभाविक नियम है | is the natural rule |
2 प्रभु पयान जाना बैदेहीं। फरकि बाम अँग जनु कहि देहीं।।
English explanation
Sita learned of the Lord’s departure; her left limbs, twitching, seemed to tell her of it.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम का | Lord Rama’s |
| पयान | प्रस्थान | departure |
| जाना | जान लिया | came to know |
| बैदेहीं | विदेह-कुमारी सीता ने | Sita, princess of Videha |
| फरकि | फड़ककर | by twitching |
| बाम | बाएँ | left |
| अँग | अंग | limbs |
| जनु | मानो | as though |
| कहि | कह | tell |
| देहीं | देते हैं | her |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.35
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 745
- सहायक विषय
- श्रीरामजीका वानरोंकी सेनाके साथ चलकर समुद्रतटपर पहुँचना
- मुद्रित पृष्ठ
- 745, 746
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।