सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुनि सर्बग्य सर्ब उर बासी। सर्बरूप सब रहित उदासी।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दफिर सब कुछ जाननेवाले, सबके हृदयमें बसनेवाले, सर्वरूप (सब रूपोंमें प्रकट), सबसे रहित, उदासीन, कारणसे (भक्तोंपर कृपा करनेके लिये) मनुष्य बने हुए तथा राक्षसोंके कुलका नाश करनेवाले श्रीरामजी नीतिकी रक्षा करनेवाले वचन बोले—॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 759 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
पुनि सर्बग्य सर्ब उर बासी। सर्बरूप सब रहित उदासी।।
बोले बचन नीति प्रतिपालक। कारन मनुज दनुज कुल घालक।।
स्रोत अभिलेख 5.5 · पुस्तक पृ. 759, 760
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पुनि सर्बग्य सर्ब उर बासी। सर्बरूप सब रहित उदासी।।
English explanation
Moreover, he knows all, dwells in every heart, and is all forms, yet is beyond all and unattached.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर; इसके अतिरिक्त | moreover |
| सर्बग्य | सब कुछ जानने वाले | all-knowing |
| सर्ब | सबके | of all |
| उर | हृदय में | in the hearts |
| बासी | निवास करने वाले | dwelling |
| सर्बरूप | सब रूपों में विद्यमान | present as all forms |
| सब | सबसे | from all |
| रहित | रहित; परे | free; beyond |
| उदासी | निर्लिप्त | unattached |
2 बोले बचन नीति प्रतिपालक। कारन मनुज दनुज कुल घालक।।
English explanation
The Lord, who upholds right conduct, has become human for a purpose, and destroys the demon race, spoke these words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बोले | बोले | spoke |
| बचन | वचन | words |
| नीति | नीति; उचित आचरण के | of right conduct |
| प्रतिपालक | पालन करने वाले | upholder |
| कारन | विशेष प्रयोजन से | for a particular purpose |
| मनुज | मनुष्य बने हुए | having become human |
| दनुज | दानवों के | of demons |
| कुल | कुल | race |
| घालक | नाश करने वाले | destroyer |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.5
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 759
- सहायक विषय
- समुद्र पार करनेके लिये विचार, रावणदूत शुकका आना और लक्ष्मणजीके पत्रको लेकर लौटना
- मुद्रित पृष्ठ
- 759, 760
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।