सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुनि पठयउ तेहिं अच्छकुमारा। चला संग लै सुभट अपारा।।
मूल पाठ
पुनि पठयउ तेहिं अच्छकुमारा। चला संग लै सुभट अपारा।।
आवत देखि बिटप गहि तर्जा। ताहि निपाति महाधुनि गर्जा।।
स्रोत अभिलेख 5.18 · पुस्तक पृ. 730, 731
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर रावणने अक्षयकुमारको भेजा। वह असंख्य श्रेष्ठ योद्धाओंको साथ लेकर चला। उसे आते देखकर हनुमान्जीने एक वृक्ष [हाथमें] लेकर ललकारा और उसे मारकर महाध्वनि (बड़े जोर) से गर्जना की॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 731 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पुनि पठयउ तेहिं अच्छकुमारा। चला संग लै सुभट अपारा।।
English explanation
Then Ravana sent his son Akshayakumara. He set out with countless valiant warriors.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| पठयउ | भेजा | sent |
| तेहिं | उसने, रावण ने | he, Ravana |
| अच्छकुमारा | रावण के पुत्र अक्षयकुमार को | Akshayakumara, Ravana’s son |
| चला | चला | set out |
| संग | साथ | along with him |
| लै | लेकर | taking |
| सुभट | श्रेष्ठ योद्धा | valiant warriors |
| अपारा | असंख्य | countless |
2 आवत देखि बिटप गहि तर्जा। ताहि निपाति महाधुनि गर्जा।।
English explanation
Seeing Akshayakumara approach, Hanuman seized a tree and challenged him. Having struck him down, Hanuman roared thunderously.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आवत | आते हुए | approaching |
| देखि | देखकर | seeing |
| बिटप | पेड़ | a tree |
| गहि | पकड़कर | having seized |
| तर्जा | ललकारा | challenged |
| ताहि | उसे, अक्षयकुमार को | him, Akshayakumara |
| निपाति | मार गिराकर | having struck down |
| महाधुनि | बहुत ऊँचे स्वर से | with a tremendous sound |
| गर्जा | गरजे | roared |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.18
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 731
- सहायक विषय
- हनुमान्जीद्वारा अशोकवाटिका-विध्वंस, अक्षयकुमार-वध और मेघनादका हनुमान्जीको नागपाशमें बाँधकर सभामें ले जाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 730, 731
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।