सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जे पद जनकसुताँ उर लाए। कपट कुरंग संग धर धाए।।
मूल पाठ
जे पद जनकसुताँ उर लाए। कपट कुरंग संग धर धाए।।
हर उर सर सरोज पद जेई। अहोभाग्य मै देखिहउँ तेई।।
स्रोत अभिलेख 5.42 · पुस्तक पृ. 752, 753
भावार्थ
मूल पाठ के बादजिन चरणोंको जानकीजीने हृदयमें धारण कर रखा है, जो कपटमृगके साथ पृथ्वीपर [उसे पकडऩेको] दौड़े थे और जो चरणकमल साक्षात् शिवजीके हृदयरूपी सरोवरमें विराजते हैं, मेरा अहोभाग्य है कि उन्हींको आज मैं देखूँगा॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 753 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जे पद जनकसुताँ उर लाए। कपट कुरंग संग धर धाए।।
English explanation
Those feet which Sita, Janaka's daughter, held to her heart, and which ran over the earth after the deceptive deer.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जे | जिन | which |
| पद | चरणों को | feet |
| जनकसुताँ | जनक की पुत्री सीता ने | Sita, Janaka's daughter |
| उर | हृदय से | to her heart |
| लाए | लगाया | held; pressed |
| कपट | छलमय; छद्म रूप वाला | deceptive; disguised |
| कुरंग | मृग | deer |
| संग | के पीछे | after |
| धर | धरती पर | over the earth |
| धाए | दौड़े | ran |
2 हर उर सर सरोज पद जेई। अहोभाग्य मै देखिहउँ तेई।।
English explanation
Those feet that are lotuses in the lake of Shiva's heart—what good fortune! I shall behold those very feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हर | शिव के | Shiva's |
| उर | हृदय | heart |
| सर | सरोवर | lake |
| सरोज | कमल | lotuses |
| पद | चरण | feet |
| जेई | जो | which |
| अहोभाग्य | अहो, कितना सौभाग्य! | Oh, what good fortune! |
| मै | मैं | I |
| देखिहउँ | देखूँगा | shall behold |
| तेई | उन्हीं को | those very ones |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.42
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 753
- सहायक विषय
- विभीषणका भगवान् श्रीरामजीकी शरणके लिये प्रस्थान और शरणप्राप्ति
- मुद्रित पृष्ठ
- 752, 753
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।