सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जस जस सुरसा बदनु बढ़ावा। तासु दून कपि रूप देखावा।।
मूल पाठ
जस जस सुरसा बदनु बढ़ावा। तासु दून कपि रूप देखावा।।
सत जोजन तेहिं आनन कीन्हा। अति लघु रूप पवनसुत लीन्हा।।
स्रोत अभिलेख 5.2 · पुस्तक पृ. 715, 716
भावार्थ
मूल पाठ के बादजैसे-जैसे सुरसा मुखका विस्तार बढ़ाती थी, हनुमान्जी उसका दूना रूप दिखलाते थे। उसने सौ योजन (चार सौ कोसका) मुख किया। तब हनुमान्जीने बहुत ही छोटा रूप धारण कर लिया॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 715 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जस जस सुरसा बदनु बढ़ावा। तासु दून कपि रूप देखावा।।
English explanation
As Surasa kept enlarging her mouth, Hanuman displayed a form twice its size.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जस | जैसे | as |
| जस | जैसे, क्रमशः | as, progressively |
| सुरसा | सर्पों की माता सुरसा | Surasa, mother of serpents |
| बदनु | मुख | mouth |
| बढ़ावा | बढ़ाती गई | kept enlarging |
| तासु | उससे, उसके आकार से | than that, than its size |
| दून | दुगुना | twice as large |
| कपि | वानर हनुमान ने | Hanuman, the monkey |
| रूप | शारीरिक आकार | bodily form |
| देखावा | दिखाया | displayed |
2 सत जोजन तेहिं आनन कीन्हा। अति लघु रूप पवनसुत लीन्हा।।
English explanation
She made her mouth a hundred yojanas wide; Hanuman assumed an exceedingly small form.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सत | सौ | one hundred |
| जोजन | योजन, दूरी का प्राचीन माप | yojanas, an ancient distance unit |
| तेहिं | उसने, सुरसा ने | she, Surasa |
| आनन | मुख | mouth |
| कीन्हा | किया | made |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| लघु | छोटा | small |
| रूप | रूप | form |
| पवनसुत | पवनदेव के पुत्र हनुमान | Hanuman, son of the wind god |
| लीन्हा | धारण किया | assumed |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.2
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 715
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका लङ्काको प्रस्थान, सुरसासे भेंट, छाया पकड़नेवाली राक्षसीका वध
- मुद्रित पृष्ठ
- 715, 716
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।