सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
गो द्विज धेनु देव हितकारी। कृपासिंधु मानुष तनुधारी।।
मूल पाठ
गो द्विज धेनु देव हितकारी। कृपासिंधु मानुष तनुधारी।।
जन रंजन भंजन खल ब्राता। बेद धर्म रच्छक सुनु भ्राता।।
स्रोत अभिलेख 5.39 · पुस्तक पृ. 749, 750
भावार्थ
मूल पाठ के बादउन कृपाके समुद्र भगवान्ने पृथ्वी, ब्राह्मण, गौ और देवताओंका हित करनेके लिये ही मनुष्य- शरीर धारण किया है। हे भाई! सुनिये, वे सेवकोंको आनन्द देनेवाले, दुष्टोंके समूहका नाश करनेवाले और वेद तथा धर्मकी रक्षा करनेवाले हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 749 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 गो द्विज धेनु देव हितकारी। कृपासिंधु मानुष तनुधारी।।
English explanation
He benefits the earth, Brahmins, cows, and gods; he is an ocean of compassion who has assumed a human body.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गो | पृथ्वी | the earth |
| द्विज | ब्राह्मणों | Brahmins |
| धेनु | गायों | cows |
| देव | देवताओं | gods |
| हितकारी | हित करने वाले | benefactor |
| कृपासिंधु | कृपा के सागर | ocean of compassion |
| मानुष | मनुष्य का | human |
| तनुधारी | शरीर धारण करने वाले | one who has assumed a body |
2 जन रंजन भंजन खल ब्राता। बेद धर्म रच्छक सुनु भ्राता।।
English explanation
Listen, brother: he delights his devotees, destroys hosts of the wicked, and protects the Vedas and righteousness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जन | भक्तों को | devotees |
| रंजन | आनंद देने वाले | one who delights |
| भंजन | नाश करने वाले | destroyer |
| खल | दुष्टों के | of the wicked |
| ब्राता | समूह | hosts; groups |
| बेद | वेदों के | of the Vedas |
| धर्म | धर्म के | of righteousness |
| रच्छक | रक्षक | protector |
| सुनु | सुनो | listen |
| भ्राता | हे भाई | brother |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.39
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 749
- सहायक विषय
- रावणको विभीषणका समझाना और विभीषणका अपमान
- मुद्रित पृष्ठ
- 749, 750
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।