सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तात राम नहिं नर भूपाला। भुवनेस्वर कालहु कर काला।।
मूल पाठ
तात राम नहिं नर भूपाला। भुवनेस्वर कालहु कर काला।।
ब्रह्म अनामय अज भगवंता। ब्यापक अजित अनादि अनंता।।
स्रोत अभिलेख 5.39 · पुस्तक पृ. 749, 750
भावार्थ
मूल पाठ के बादहे तात! राम मनुष्योंके ही राजा नहीं हैं। वे समस्त लोकोंके स्वामी और कालके भी काल हैं। वे [सम्पूर्ण ऐश्वर्य, यश, श्री, धर्म, वैराग्य एवं ज्ञानके भण्डार] भगवान् हैं; वे निरामय (विकाररहित), अजन्मा, व्यापक, अजेय, अनादि और अनन्त ब्रह्म हैं॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 749 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 तात राम नहिं नर भूपाला। भुवनेस्वर कालहु कर काला।।
English explanation
AI draft meaning: Dear brother, Rama is not merely a human king; he is lord of the worlds and death even to Death.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तात | हे प्रिय भाई | dear brother |
| राम | श्रीराम | Lord Rama |
| नहिं | नहीं | not |
| नर | मनुष्य | human |
| भूपाला | राजा | king |
| भुवनेस्वर | संसार के स्वामी | lord of the worlds |
| कालहु | काल का भी | even of Death |
| कर | का | of |
| काला | काल; संहारक | death; destroyer |
2 ब्रह्म अनामय अज भगवंता। ब्यापक अजित अनादि अनंता।।
English explanation
He is the supreme reality, free from affliction, unborn, divine, all-pervading, unconquerable, without beginning or end.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| ब्रह्म | परम तत्त्व | the supreme reality |
| अनामय | रोग और विकार से रहित | free from affliction and defects |
| अज | अजन्मा | unborn |
| भगवंता | भगवान | the divine Lord |
| ब्यापक | सर्वव्यापी | all-pervading |
| अजित | अजेय | unconquerable |
| अनादि | जिसका आरंभ नहीं | without beginning |
| अनंता | जिसका अंत नहीं | without end |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.39
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 749
- सहायक विषय
- रावणको विभीषणका समझाना और विभीषणका अपमान
- मुद्रित पृष्ठ
- 749, 750
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।