सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कह लंकेस सुनहु रघुनायक। कोटि सिंधु सोषक तव सायक।।
मूल पाठ
कह लंकेस सुनहु रघुनायक। कोटि सिंधु सोषक तव सायक।।
जद्यपि तदपि नीति असि गाई। बिनय करिअ सागर सन जाई।।
स्रोत अभिलेख 5.5 · पुस्तक पृ. 759, 760
भावार्थ
मूल पाठ के बादविभीषणजीने कहा—हे रघुनाथजी! सुनिये, यद्यपि आपका एक बाण ही करोड़ों समुद्रोंको सोखनेवाला है (सोख सकता है), तथापि नीति ऐसी कही गयी है (उचित यह होगा) कि [पहले] जाकर समुद्रसे प्रार्थना की जाय॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 759 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कह लंकेस सुनहु रघुनायक। कोटि सिंधु सोषक तव सायक।।
English explanation
Vibhishana, lord of Lanka, said: Listen, O Lord of Raghu's line; your arrows can dry up millions of oceans.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहा | said |
| लंकेस | लंकापति विभीषण ने | Vibhishana, lord of Lanka |
| सुनहु | सुनिए | please listen |
| रघुनायक | हे रघुवंश के नायक राम | O Rama, Lord of Raghu's line |
| कोटि | करोड़ों | tens of millions of |
| सिंधु | समुद्रों को | oceans |
| सोषक | सुखाने वाले | capable of drying up |
| तव | आपके | your |
| सायक | बाण | arrows |
2 जद्यपि तदपि नीति असि गाई। बिनय करिअ सागर सन जाई।।
English explanation
Although this is so, proper conduct nevertheless prescribes going to the ocean and making a humble request.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जद्यपि | यद्यपि ऐसा है | although this is so |
| तदपि | फिर भी | nevertheless |
| नीति | नीति; उचित व्यवहार | proper conduct |
| असि | ऐसी | thus |
| गाई | कही गई है | has been stated |
| बिनय | विनम्र प्रार्थना | a humble request |
| करिअ | करनी चाहिए | should be made |
| सागर | समुद्र | the ocean |
| सन | से | to |
| जाई | जाकर | having gone |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.5
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 759
- सहायक विषय
- समुद्र पार करनेके लिये विचार, रावणदूत शुकका आना और लक्ष्मणजीके पत्रको लेकर लौटना
- मुद्रित पृष्ठ
- 759, 760
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।