सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कह कपि हृदयँ धीर धरु माता। सुमिरु राम सेवक सुखदाता।।
मूल पाठ
कह कपि हृदयँ धीर धरु माता। सुमिरु राम सेवक सुखदाता।।
उर आनहु रघुपति प्रभुताई। सुनि मम बचन तजहु कदराई।।
स्रोत अभिलेख 5.15 · पुस्तक पृ. 728, 728
भावार्थ
मूल पाठ के बादहनुमान्जीने कहा—हे माता! हृदयमें धैर्य धारण करो और सेवकोंको सुख देनेवाले श्रीरामजीका स्मरण करो। श्रीरघुनाथजीकी प्रभुताको हृदयमें लाओ और मेरे वचन सुनकर कायरता छोड़ दो॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 728 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कह कपि हृदयँ धीर धरु माता। सुमिरु राम सेवक सुखदाता।।
English explanation
Hanuman said, ‘Mother, keep courage in your heart; remember Rama, who brings happiness to his servants.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहते हैं | says |
| कपि | वानर हनुमान | Hanuman, the monkey messenger |
| हृदयँ | हृदय में | in your heart |
| धीर | धीरज | courage; composure |
| धरु | रखिए | keep |
| माता | हे माता | O mother |
| सुमिरु | स्मरण कीजिए | remember |
| राम | राम का | Rama |
| सेवक | सेवकों को | to his servants |
| सुखदाता | सुख देने वाले | giver of happiness |
2 उर आनहु रघुपति प्रभुताई। सुनि मम बचन तजहु कदराई।।
English explanation
Bring Rama’s sovereign power to mind; hear my words and give up fear and faintheartedness.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| उर | हृदय में | into your heart |
| आनहु | लाइए; ध्यान में रखिए | bring; call to mind |
| रघुपति | रघुकुल के स्वामी राम की | of Rama, lord of Raghu’s lineage |
| प्रभुताई | प्रभुत्व; सामर्थ्य | sovereign power; might |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| मम | मेरे | my |
| बचन | वचन | words |
| तजहु | छोड़ दीजिए | give up |
| कदराई | कातरता; भय | faintheartedness; fear |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.15
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 728
- सहायक विषय
- श्रीसीता-हनुमान्-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 728, 728
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