सुन्दरकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अब बिलंबु केहि कारन कीजे। तुरत कपिन्ह कहुँ आयसु दीजे।।
मूल पाठ
अब बिलंबु केहि कारन कीजे। तुरत कपिन्ह कहुँ आयसु दीजे।।
कौतुक देखि सुमन बहु बरषी। नभ तें भवन चले सुर हरषी।।
स्रोत अभिलेख 5.34 · पुस्तक पृ. 744, 745
भावार्थ
मूल पाठ के बादअब विलम्ब किस कारण किया जाय? वानरोंको तुरंत आज्ञा दो। [भगवान्की] यह लीला (रावणवधकी तैयारी) देखकर, बहुत-से फूल बरसाकर और हर्षित होकर देवता आकाशसे अपने- अपने लोकको चले॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 745 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अब बिलंबु केहि कारन कीजे। तुरत कपिन्ह कहुँ आयसु दीजे।।
English explanation
Why delay now? Give the monkeys their orders at once.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अब | अब | now |
| बिलंबु | विलंब | delay |
| केहि | किस | what |
| कारन | कारण | reason |
| कीजे | किया जाए | should be made |
| तुरत | तुरंत | at once |
| कपिन्ह | वानरों | the monkeys |
| कहुँ | को | to |
| आयसु | आज्ञा | orders |
| दीजे | दीजिए | please give |
2 कौतुक देखि सुमन बहु बरषी। नभ तें भवन चले सुर हरषी।।
English explanation
Seeing this wondrous scene, the gods showered many flowers and joyfully left the sky for their abodes.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कौतुक | अद्भुत दृश्य | wondrous scene |
| देखि | देखकर | having seen |
| सुमन | फूल | flowers |
| बहु | बहुत | many |
| बरषी | बरसाकर | having showered |
| नभ | आकाश | the sky |
| तें | से | from |
| भवन | अपने भवनों को | to their abodes |
| चले | चले गए | departed |
| सुर | देवता | the gods |
| हरषी | हर्षित होकर | rejoicing |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- सुन्दरकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 5.34
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 745
- सहायक विषय
- समुद्रके इस पार आना, सबका लौटना, मधुवन-प्रवेश, सुग्रीव-मिलन, श्रीराम-हनुमान्-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 744, 745
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।