लङ्काकाण्ड · दोहा 67 · दोहा/सोरठा
सुनु सुग्रीव बिभीषन अनुज सँभारेहु सैन।
सुनु सुग्रीव बिभीषन अनुज सँभारेहु सैन।
मैं देखउँ खल बल दलहि बोले राजिवनैन।।67।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 6.67 · पुस्तक पृ. 836, 837
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1सुनु सुग्रीव बिभीषन अनुज सँभारेहु सैन।
सुनो, सुग्रीव, विभीषण और छोटे भाई लक्ष्मण—तुम सेना सँभालो।
English explanation
Listen, Sugriva, Vibhishana, and my younger brother Lakshmana: take charge of the army.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुनो | listen |
| सुग्रीव | हे सुग्रीव, वानरराज | Sugriva, king of the monkeys |
| बिभीषन | हे विभीषण, रावण के भाई और राम के सहयोगी | Vibhishana, Ravana’s brother and Rama’s ally |
| अनुज | हे छोटे भाई लक्ष्मण | my younger brother Lakshmana |
| सँभारेहु | तुम सँभालो | you take charge |
| सैन | सेना | the army |
2 मैं देखउँ खल बल दलहि बोले राजिवनैन।।67।।
कमलनयन राम बोले, ‘मैं दुष्टों की शक्तिशाली सेना से स्वयं निपटता हूँ।’
English explanation
Lotus-eyed Rama said, ‘I shall deal with the powerful host of the wicked myself.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मैं | मैं स्वयं | I myself |
| देखउँ | देखूँ; सामना करूँ | shall see to; confront |
| खल | दुष्टों की | of the wicked |
| बल | बल; सैन्य शक्ति | strength; military might |
| दलहि | सेना को | the host |
| बोले | कहा | said |
| राजिवनैन | कमल जैसे नेत्रों वाले राम | lotus-eyed Rama |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 67
- स्रोत अभिलेख
- 6.67
- सहायक विषय
- कुम्भकर्ण-युद्ध और उसकी परमगति
- मुद्रित पृष्ठ
- 836, 837
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