लङ्काकाण्ड · दोहा 57 · दोहा/सोरठा
सर पैठत कपि पद गहा मकरीं तब अकुलान।
सर पैठत कपि पद गहा मकरीं तब अकुलान।
मारी सो धरि दिव्य तनु चली गगन चढ़ि जान।।57।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 6.57 · पुस्तक पृ. 826, 827
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1सर पैठत कपि पद गहा मकरीं तब अकुलान।
तालाब में प्रवेश करते ही एक मादा मगर ने हनुमान का पैर पकड़ लिया; तब वे व्याकुल हुए।
English explanation
As Hanuman entered the pond, a female crocodile seized his foot, and he became alarmed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सर | तालाब में | into the pond |
| पैठत | प्रवेश करते ही | upon entering |
| कपि | हनुमान का | Hanuman’s |
| पद | पैर | foot |
| गहा | पकड़ लिया | seized |
| मकरीं | मादा मगर ने | a female crocodile |
| तब | तब | then |
| अकुलान | व्याकुल हुए | became alarmed |
2 मारी सो धरि दिव्य तनु चली गगन चढ़ि जान।।57।।
हनुमान ने उसे मार डाला। वह दिव्य शरीर धारण करके विमान पर चढ़ी और आकाश की ओर चली गई।
English explanation
Hanuman killed her. She assumed a divine body, boarded a celestial vehicle, and departed into the sky.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मारी | मार डाला | killed her |
| सो | वह मादा मगर | she, the female crocodile |
| धरि | धारण करके | having assumed |
| दिव्य | दिव्य | divine |
| तनु | शरीर | a body |
| चली | चली गई | departed |
| गगन | आकाश में | into the sky |
| चढ़ि | चढ़कर | having boarded |
| जान | विमान पर | a celestial vehicle |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 57
- स्रोत अभिलेख
- 6.57
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका सुषेण वैद्यको लाना एवं संजीवनीके लिये जाना, कालनेमि-रावण-संवाद, मकरी-उद्धार, कालनेमि-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 826, 827
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