लङ्काकाण्ड · दोहा 36 · दोहा/सोरठा
बधि बिराध खर दूषनहि लींलाँ हत्यो कबंध।
बधि बिराध खर दूषनहि लींलाँ हत्यो कबंध।
बालि एक सर मारयो तेहि जानहु दसकंध।।36।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 6.36 · पुस्तक पृ. 807, 808
भावार्थ और शब्दार्थ
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1बधि बिराध खर दूषनहि लींलाँ हत्यो कबंध।
राम ने विराध, खर और दूषण को मारकर सहज लीला में कबंध का भी वध किया।
English explanation
Rama killed Viradha, Khara, and Dushana, and slew Kabandha with playful ease.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बधि | मारकर | having slain |
| बिराध | राक्षस विराध | the demon Viradha |
| खर | राक्षस खर | the demon Khara |
| दूषनहि | राक्षस दूषण को | the demon Dushana |
| लींलाँ | लीला में, सहज खेल की तरह | with playful ease |
| हत्यो | मार डाला | slew |
| कबंध | राक्षस कबंध | the demon Kabandha |
2 बालि एक सर मारयो तेहि जानहु दसकंध।।36।।
जिन्होंने बालि को एक ही बाण से मार दिया, हे दशमुख रावण, उन्हें पहचानो।
English explanation
Recognize the one who killed Bali with a single arrow, O ten-headed Ravana.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बालि | वानरराज बालि को | Bali, the monkey king |
| एक | एक ही | a single |
| सर | बाण से | with an arrow |
| मारयो | मार डाला | killed |
| तेहि | उन्हें, राम को | him, Rama |
| जानहु | जानो, पहचानो | know, recognize |
| दसकंध | हे दशमुख रावण | O ten-headed Ravana |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 36
- स्रोत अभिलेख
- 6.36
- सहायक विषय
- रावणको पुन: मन्दोदरीका समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 807, 808
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