लङ्काकाण्ड · दोहा 43 · दोहा/सोरठा
अंगद सुना पवनसुत गढ़ पर गयउ अकेल।
अंगद सुना पवनसुत गढ़ पर गयउ अकेल।
रन बाँकुरा बालिसुत तरकि चढ़ेउ कपि खेल।।43।।
मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 6.43 · पुस्तक पृ. 814, 815
भावार्थ और शब्दार्थ
AI प्रारूपशब्दार्थ और भावार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। इन्हें अंतिम व्याख्या न मानें।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1अंगद सुना पवनसुत गढ़ पर गयउ अकेल।
अंगद ने सुना कि पवनपुत्र हनुमान अकेले दुर्ग पर गए हैं।
English explanation
Angada heard that Hanuman, the Wind-god’s son, had gone onto the fortress alone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अंगद | अंगद ने | Angada |
| सुना | सुना | heard |
| पवनसुत | पवनपुत्र हनुमान | Hanuman, son of the Wind-god |
| गढ़ | दुर्ग | the fortress |
| पर | पर | onto |
| गयउ | गए | went |
| अकेल | अकेले | alone |
2 रन बाँकुरा बालिसुत तरकि चढ़ेउ कपि खेल।।43।।
रण के वीर, बालि के पुत्र अंगद उछलकर वानरों की सहज क्रीड़ा की तरह दुर्ग पर चढ़ गए।
English explanation
Angada, Bali’s son and a bold warrior, sprang onto the fortress with the ease of a monkey at play.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रन | युद्ध में | in battle |
| बाँकुरा | वीर और साहसी | bold and valiant |
| बालिसुत | बालि के पुत्र अंगद | Angada, son of Bali |
| तरकि | उछलकर | springing up |
| चढ़ेउ | चढ़ गए | climbed up |
| कपि | वानर की | a monkey’s |
| खेल | क्रीड़ा की तरह सहजता से | with playful ease |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- दोहा/सोरठा 43
- स्रोत अभिलेख
- 6.43
- सहायक विषय
- युद्धारम्भ
- मुद्रित पृष्ठ
- 814, 815
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।