लङ्काकाण्ड · दोहा 44 · दोहा/सोरठा

एक एक सों मर्दहिं तोरि चलावहिं मुंड।

एक एक सों मर्दहिं तोरि चलावहिं मुंड।

रावन आगें परहिं ते जनु फूटहिं दधि कुंड।।44।।

मूल पाठ · स्रोत अभिलेख 6.44 · पुस्तक पृ. 815, 815

भावार्थ और शब्दार्थ

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1एक एक सों मर्दहिं तोरि चलावहिं मुंड।

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2 रावन आगें परहिं ते जनु फूटहिं दधि कुंड।।44।।

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स्रोत और प्रसंग

काण्ड
लङ्काकाण्ड
पद
दोहा/सोरठा 44
स्रोत अभिलेख
6.44
सहायक विषय
युद्धारम्भ
मुद्रित पृष्ठ
815, 815

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