लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
सब भाँति अधम निषाद सो हरि भरत ज्यों उर लाइयो।
मूल पाठ
सब भाँति अधम निषाद सो हरि भरत ज्यों उर लाइयो।
मतिमंद तुलसीदास सो प्रभु मोह बस बिसराइयो॥
यह रावनारि चरित्र पावन राम पद रतिप्रद सदा।
कामादिहर बिग्यानकर सुर सिद्ध मुनि गावहिं मुदा॥
स्रोत अभिलेख 6.121 · पुस्तक पृ. 901, 902
भावार्थ
मूल पाठ के बादसब प्रकारसे नीच उस निषादको भगवान्ने भरतजीकी भाँति हृदयसे लगा लिया। तुलसीदासजी कहते हैं—इस मन्दबुद्धिने (मैंने) मोहवश उस प्रभुको भुला दिया। रावणके शत्रुका यह पवित्र करनेवाला चरित्र सदा ही श्रीरामजीके चरणोंमें प्रीति उत्पन्न करनेवाला है। यह कामादि विकारोंका हरनेवाला और [भगवान्के स्वरूपका] विशेष ज्ञान उत्पन्न करनेवाला है। देवता, सिद्ध और मुनि आनन्दित होकर इसे गाते हैं॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 903 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1सब भाँति अधम निषाद सो हरि भरत ज्यों उर लाइयो।
English explanation
Hari embraced that Nishada chief, described here as lowly in every way, just as he would Bharata.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सब | every |
| भाँति | प्रकार से | in respect |
| अधम | अत्यंत नीच माना गया | regarded as lowly |
| निषाद | निषादराज | the Nishada chief |
| सो | उसको | that person |
| हरि | हरि, यहाँ राम | Hari, here Rama |
| भरत | राम के भाई भरत | Bharata, Rama’s brother |
| ज्यों | की तरह | like |
| उर | हृदय से | to his heart |
| लाइयो | लगा लिया | embraced |
2मतिमंद तुलसीदास सो प्रभु मोह बस बिसराइयो॥
English explanation
Dull-witted Tulsidas, under the sway of delusion, forgot such a Lord.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मतिमंद | मंद बुद्धिवाले | dull-witted |
| तुलसीदास | कवि तुलसीदास ने | the poet Tulsidas |
| सो | उस ऐसे | that, such a |
| प्रभु | स्वामी राम को | Lord Rama |
| मोह | मोह | delusion |
| बस | के वश में | under the sway of |
| बिसराइयो | भुला दिया | forgot |
3यह रावनारि चरित्र पावन राम पद रतिप्रद सदा।
English explanation
This sacred account of Rama, Ravana’s foe, always inspires love for Rama’s feet.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | यह | this |
| रावनारि | रावण के शत्रु राम का | of Rama, Ravana’s foe |
| चरित्र | चरित, कर्मों की कथा | account of deeds |
| पावन | पवित्र करने वाला | purifying |
| राम | राम के | of Rama |
| पद | चरणों में | toward the feet |
| रतिप्रद | प्रेम देने वाला | bestowing loving devotion |
| सदा | सदा | always |
4कामादिहर बिग्यानकर सुर सिद्ध मुनि गावहिं मुदा॥
English explanation
This account removes desire and other vices and imparts spiritual understanding; gods, perfected beings and sages sing it joyfully.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कामादिहर | काम आदि विकारों को हरने वाला | removing desire and other vices |
| बिग्यानकर | तत्त्वज्ञान उत्पन्न करने वाला | imparting spiritual understanding |
| सुर | देवता | gods |
| सिद्ध | सिद्ध पुरुष | spiritually perfected beings |
| मुनि | मुनि, ऋषि | sages |
| गावहिं | गाते हैं | sing |
| मुदा | आनंदपूर्वक | joyfully |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.121
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 903
- सहायक विषय
- पुष्पकविमानपर चढ़कर श्रीसीता-रामजीका अवधके लिये प्रस्थान · श्रीरामचरितकी महिमा
- मुद्रित पृष्ठ
- 901, 902
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।