लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
धरि रूप पावक पानि गहि श्री सत्य श्रुति जग बिदित जो।
मूल पाठ
धरि रूप पावक पानि गहि श्री सत्य श्रुति जग बिदित जो।
जिमि छीरसागर इंदिरा रामहि समर्पी आनि सो॥
सो राम बाम बिभाग राजति रुचिर अति सोभा भली।
नव नील नीरज निकट मानहुँ कनक पंकज की कली॥
स्रोत अभिलेख 6.109 · पुस्तक पृ. 887, 887
भावार्थ
मूल पाठ के बादतब अग्रिने शरीर धारण करके वेदोंमें और जगत्में प्रसिद्ध वास्तविक श्री (सीताजी) का हाथ पकड़ उन्हें श्रीरामजीको वैसे ही समर्पित किया जैसे क्षीरसागरने विष्णुभगवान्को लक्ष्मी समर्पित की थी। वे सीताजी श्रीरामचन्द्रजीके वाम भागमें विराजित हुईं। उनकी उत्तम शोभा अत्यन्त ही सुन्दर है। मानो नये खिले हुए नीले कमलके पास सोनेके कमलकी कली सुशोभित हो॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 888 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1धरि रूप पावक पानि गहि श्री सत्य श्रुति जग बिदित जो।
English explanation
Taking form, the fire god clasped the hand of the true Sita, the embodiment of Lakshmi, renowned in the Vedas and the world—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धरि | धारण करके | having assumed |
| रूप | रूप | a form |
| पावक | अग्निदेव ने | the fire god |
| पानि | हाथ | the hand |
| गहि | पकड़कर | having clasped |
| श्री | लक्ष्मीस्वरूपा सीता का | of Sita, the embodiment of Lakshmi |
| सत्य | वास्तविक | true |
| श्रुति | वेदों में | in the Vedas |
| जग | जगत में | in the world |
| बिदित | प्रसिद्ध | renowned |
| जो | जो | who |
2जिमि छीरसागर इंदिरा रामहि समर्पी आनि सो॥
English explanation
He brought her and entrusted her to Rama, as the Ocean of Milk had offered Lakshmi.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जिमि | जैसे | just as |
| छीरसागर | क्षीरसागर ने | the Ocean of Milk |
| इंदिरा | लक्ष्मी को | Lakshmi |
| रामहि | राम को | to Rama |
| समर्पी | समर्पित किया | entrusted |
| आनि | लाकर | having brought |
| सो | उन्हीं सीता को | that same Sita |
3सो राम बाम बिभाग राजति रुचिर अति सोभा भली।
English explanation
That same Sita shines at Rama's left side, her lovely splendor exceedingly beautiful.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सो | वही सीता | that same Sita |
| राम | राम की | Rama's |
| बाम | बाईं | left |
| बिभाग | ओर | side |
| राजति | सुशोभित हैं | shines |
| रुचिर | सुंदर | lovely |
| अति | अत्यंत | exceedingly |
| सोभा | शोभा | splendor |
| भली | मनोहर | beautiful |
4नव नील नीरज निकट मानहुँ कनक पंकज की कली॥
English explanation
It is as though a golden lotus bud stood beside a fresh blue lotus.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नव | नवीन | fresh |
| नील | नीला | blue |
| नीरज | कमल | lotus |
| निकट | के पास | beside |
| मानहुँ | मानो | as though |
| कनक | सुनहरा | golden |
| पंकज | कमल | lotus |
| की | की | of |
| कली | कली | bud |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.109
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 888
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका सीताजीको कुशल सुनाना, सीताजीका आगमन और अग्नि-परीक्षा
- मुद्रित पृष्ठ
- 887, 887
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।