लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
जान्यो मनुज करि दनुज कानन दहन पावक हरि स्वयं।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्ददैत्यरूपी वनको जलानेके लिये अग्निस्वरूप साक्षात् श्रीहरिको तुमने मनुष्य करके जाना। शिव और ब्रह्मा आदि देवता जिनको नमस्कार करते हैं, उन करुणामय भगवान्को हे प्रियतम! तुमने नहीं भजा। तुम्हारा यह शरीर जन्मसे ही दूसरोंसे द्रोह करनेमें तत्पर तथा पापसमूहमय रहा! इतनेपर भी जिन निर्विकार ब्रह्म श्रीरामजीने तुमको अपना धाम दिया, उनको मैं नमस्कार करती हूँ।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 882 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जान्यो मनुज करि दनुज कानन दहन पावक हरि स्वयं।
जेहि नमत सिव ब्रह्मादि सुर पिय भजेहु नहिं करुनामयं॥
आजन्म ते परद्रोह रत पापौघमय तव तनु अयं।
तुम्हहू दियो निज धाम राम नमामि ब्रह्म निरामयं॥
स्रोत अभिलेख 6.104 · पुस्तक पृ. 881, 882
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1जान्यो मनुज करि दनुज कानन दहन पावक हरि स्वयं।
English explanation
AI-draft meaning: You regarded him as a mere human, though he is the fire that burns the forest of demons—Hari himself.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जान्यो | समझा | regarded |
| मनुज | मनुष्य | a human being |
| करि | मानकर; के रूप में | taking him as |
| दनुज | दानवों का | of demons |
| कानन | वन | forest |
| दहन | जलाने वाली | burning; consuming |
| पावक | अग्नि | fire |
| हरि | भगवान विष्णु, यहाँ राम | Lord Vishnu, here Rama |
| स्वयं | स्वयं; साक्षात् | himself; in person |
2जेहि नमत सिव ब्रह्मादि सुर पिय भजेहु नहिं करुनामयं॥
English explanation
Dear husband, you did not worship that compassionate Lord to whom Shiva, Brahma, and the other gods bow.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहि | जिन्हें | to whom |
| नमत | प्रणाम करते हैं | bow |
| सिव | भगवान शिव | Lord Shiva |
| ब्रह्मादि | ब्रह्मा आदि | Brahma and others |
| सुर | देवता | gods |
| पिय | हे प्रिय पति | dear husband |
| भजेहु | तुमने भजा; उपासना की | you worshipped |
| नहिं | नहीं | not |
| करुनामयं | करुणा से पूर्ण प्रभु को | the Lord full of compassion |
3आजन्म ते परद्रोह रत पापौघमय तव तनु अयं।
English explanation
This body of yours, engaged in harming others since birth, was filled with a mass of sins.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| आजन्म | जन्म | birth |
| ते | से | since; from |
| परद्रोह | दूसरों से द्रोह करने में | in hostility toward others |
| रत | लगा हुआ | engaged |
| पापौघमय | पापों के समूह से भरा | filled with a mass of sins |
| तव | तुम्हारा | your |
| तनु | शरीर | body |
| अयं | यह | this |
4तुम्हहू दियो निज धाम राम नमामि ब्रह्म निरामयं॥
English explanation
Rama granted even you his own abode; I bow to Rama, the blemishless Absolute.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तुम्हहू | तुम्हें भी | even to you |
| दियो | दिया | gave; granted |
| निज | अपना | his own |
| धाम | निवास; परम धाम | abode; supreme dwelling |
| राम | भगवान राम ने | Lord Rama |
| नमामि | मैं प्रणाम करती हूँ | I bow |
| ब्रह्म | परम सत्य; ब्रह्मस्वरूप | the Absolute; supreme reality |
| निरामयं | रोग और दोष से रहित | free from affliction and blemish |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.104
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 882
- सहायक विषय
- मन्दोदरी-विलाप, रावणकी अन्त्येष्टि-क्रिया
- मुद्रित पृष्ठ
- 881, 882
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।