लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
गहि भूमि पार्यो लात मार्यो बालिसुत प्रभु पहिं गयो।
मूल पाठ
गहि भूमि पार्यो लात मार्यो बालिसुत प्रभु पहिं गयो।
संभारि उठि दसकंठ घोर कठोर रव गर्जत भयो॥
करि दाप चाप चढ़ाइ दस संधानि सर बहु बरषई।
किए सकल भट घायल भयाकुल देखि निज बल हरषई॥
स्रोत अभिलेख 6.97 · पुस्तक पृ. 871, 871
भावार्थ
मूल पाठ के बादउसे पकड़कर पृथ्वीपर गिराकर लात मारकर बालिपुत्र अंगद प्रभुके पास चले गये। रावण सँभलकर उठा और बड़े भयङ्कर कठोर शब्दसे गरजने लगा। वह दर्प करके दसों धनुष चढ़ाकर उनपर बहुत-से बाण सन्धान करके बरसाने लगा। उसने सब योद्धाओंको घायल और भयसे व्याकुल कर दिया और अपना बल देखकर वह हॢषत होने लगा।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 871 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1गहि भूमि पार्यो लात मार्यो बालिसुत प्रभु पहिं गयो।
English explanation
Angada seized Ravana, threw him to the ground, and kicked him; then Bali’s son went to Lord Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गहि | पकड़कर | having seized |
| भूमि | भूमि पर | to the ground |
| पार्यो | पटक दिया | threw down |
| लात | पैर की चोट | a kick |
| मार्यो | मारी | delivered |
| बालिसुत | बालि के पुत्र अंगद | Angada, Bali’s son |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| पहिं | के पास | to |
| गयो | गए | went |
2संभारि उठि दसकंठ घोर कठोर रव गर्जत भयो॥
English explanation
Recovering himself, Ravana rose and began roaring in a terrible, harsh voice.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संभारि | अपने को सँभालकर | having recovered himself |
| उठि | उठकर | having risen |
| दसकंठ | दस कंठों वाला रावण | Ravana, the ten-throated one |
| घोर | भयानक | terrible |
| कठोर | कठोर | harsh |
| रव | स्वर में | in a voice |
| गर्जत | गरजने | roaring |
| भयो | लगा | began |
3करि दाप चाप चढ़ाइ दस संधानि सर बहु बरषई।
English explanation
Displaying his arrogance, Ravana readied ten bows and, aiming his arrows, showered them in great numbers.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | displaying |
| दाप | अहंकार का प्रदर्शन | arrogance |
| चाप | धनुष | bows |
| चढ़ाइ | चढ़ाकर, तैयार करके | having strung and readied |
| दस | दस | ten |
| संधानि | संधान करके, निशाना साधकर | having nocked and aimed |
| सर | बाण | arrows |
| बहु | बहुत-से | many |
| बरषई | बरसाता है | showers |
4किए सकल भट घायल भयाकुल देखि निज बल हरषई॥
English explanation
He left all the warriors wounded and overwhelmed with fear, and rejoiced at the sight of his own prowess.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| किए | कर दिया | made |
| सकल | सभी | all |
| भट | योद्धाओं को | the warriors |
| घायल | घायल | wounded |
| भयाकुल | भय से व्याकुल | overwhelmed with fear |
| देखि | देखकर | seeing |
| निज | अपना | his own |
| बल | पराक्रम | prowess |
| हरषई | प्रसन्न होता है | rejoices |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.97
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 871
- सहायक विषय
- घोर युद्ध, रावणकी मूर्च्छा
- मुद्रित पृष्ठ
- 871, 871
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।