लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
कादर भयंकर रुधिर सरिता चली परम अपावनी।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दडरपोकोंको भय उपजानेवाली अत्यन्त अपवित्र रक्तकी नदी बह चली। दोनों दल उसके दोनों किनारे हैं। रथ रेत है और पहिये भँवर हैं। वह नदी बहुत भयावनी बह रही है। हाथी, पैदल, घोड़े, गदहे तथा अनेकों सवारियाँ ही, जिनकी गिनती कौन करे, नदीके जलजन्तु हैं। बाण, शक्ति और तोमर सर्प हैं; धनुष तरंगें हैं और ढाल बहुत-से कछुवे हैं।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 860 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
कादर भयंकर रुधिर सरिता चली परम अपावनी।
दोउ कूल दल रथ रेत चक्र अबर्त बहति भयावनी॥
जलजंतु गज पदचर तुरग खर बिबिध बाहन को गने।
सर सक्ति तोमर सर्प चाप तरंग चर्म कमठ घने॥
स्रोत अभिलेख 6.87 · पुस्तक पृ. 859, 859
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1कादर भयंकर रुधिर सरिता चली परम अपावनी।
English explanation
A deeply impure river of blood began to flow, terrifying the fainthearted.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कादर | कायरों के लिए | to the fainthearted |
| भयंकर | भय उत्पन्न करने वाली | terrifying |
| रुधिर | रक्त की | of blood |
| सरिता | नदी | river |
| चली | बह चली | began to flow |
| परम | अत्यंत | extremely |
| अपावनी | अपवित्र | impure |
2दोउ कूल दल रथ रेत चक्र अबर्त बहति भयावनी॥
English explanation
The two armies were its banks, chariots its sand, and wheels its whirlpools; the dreadful river flowed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दोउ | दोनों | both |
| कूल | नदी के तट | riverbanks |
| दल | सेनाएँ | armies |
| रथ | रथ | chariots |
| रेत | रेत | sand |
| चक्र | रथों के पहिए | chariot wheels |
| अबर्त | भँवर | whirlpools |
| बहति | बहती है | flows |
| भयावनी | भयावनी | dreadful |
3जलजंतु गज पदचर तुरग खर बिबिध बाहन को गने।
English explanation
Elephants, foot soldiers, horses, donkeys, and various mounts and conveyances were its aquatic creatures—who could count them?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जलजंतु | जल में रहने वाले जीव | aquatic creatures |
| गज | हाथी | elephants |
| पदचर | पैदल योद्धा | foot soldiers |
| तुरग | घोड़े | horses |
| खर | गधे | donkeys |
| बिबिध | अनेक प्रकार के | various kinds of |
| बाहन | सवारियों के पशु और वाहन | mounts and conveyances |
| को | कौन | who |
| गने | गिन सके | could count |
4सर सक्ति तोमर सर्प चाप तरंग चर्म कमठ घने॥
English explanation
Arrows, lances, and javelins were snakes, bows were waves, and shields were numerous turtles.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सर | बाण | arrows |
| सक्ति | शक्ति नामक भाले | lances |
| तोमर | तोमर नामक भाले | javelins |
| सर्प | साँप | snakes |
| चाप | धनुष | bows |
| तरंग | लहरें | waves |
| चर्म | चमड़े की ढालें | leather shields |
| कमठ | कछुए | turtles |
| घने | बहुत-से | numerous |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.87
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 860
- सहायक विषय
- रावण-मूर्च्छा, रावण-यज्ञ-विध्वंस, राम-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 859, 859
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।