लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
एहि के हृदयँ बस जानकी जानकी उर मम बास है।
मूल पाठ
एहि के हृदयँ बस जानकी जानकी उर मम बास है।
मम उदर भुअन अनेक लागत बान सब कर नास है॥
सुनि बचन हरष बिषाद मन अति देखि पुनि त्रिजटाँ कहा।
अब मरिहि रिपु एहि बिधि सुनहि सुंदरि तजहि संसय महा॥
स्रोत अभिलेख 6.99 · पुस्तक पृ. 873, 874
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[वे यही सोचकर रह जाते हैं कि] इसके हृदयमें जानकीका निवास है, जानकीके हृदयमें मेरा निवास है और मेरे उदरमें अनेकों भुवन हैं। अत: रावणके हृदयमें बाण लगते ही सब भुवनोंका नाश हो जायगा। यह वचन सुनकर, सीताजीके मनमें अत्यन्त हर्ष और विषाद हुआ देखकर त्रिजटाने फिर कहा—हे सुन्दरी! महान् सन्देहका त्याग कर दो; अब सुनो, शत्रु इस प्रकार मरेगा—
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 875 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1एहि के हृदयँ बस जानकी जानकी उर मम बास है।
English explanation
Janaki dwells in his (Ravana’s) heart, and I dwell in Janaki’s heart.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| एहि | इस (रावण) | this one (Ravana) |
| के | के | of |
| हृदयँ | हृदय में | in the heart |
| बस | बसती हैं | dwells |
| जानकी | जानकी (सीता) | Janaki, Sita |
| जानकी | जानकी (सीता) के | of Janaki, Sita |
| उर | हृदय में | in the heart |
| मम | मेरा (राम का) | my (Rama’s) |
| बास | निवास | abode |
| है | है | is |
2मम उदर भुअन अनेक लागत बान सब कर नास है॥
English explanation
Within my belly are many worlds; if the arrow strikes, they will all be destroyed.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मम | मेरे (राम के) | my (Rama’s) |
| उदर | उदर में | within the belly |
| भुअन | लोक | worlds |
| अनेक | अनेक | many |
| लागत | लगने पर | upon striking |
| बान | बाण | the arrow |
| सब | सब लोकों | all the worlds |
| कर | का | of |
| नास | नाश | destruction |
| है | है (हो जाएगा) | will occur |
3सुनि बचन हरष बिषाद मन अति देखि पुनि त्रिजटाँ कहा।
English explanation
Seeing the great joy and sorrow in Sita’s heart upon hearing these words, Trijata spoke again.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनि | सुनकर | having heard |
| बचन | वचन | these words |
| हरष | हर्ष | joy |
| बिषाद | विषाद | sorrow |
| मन | मन में (सीता के) | in Sita’s heart |
| अति | अत्यधिक | great |
| देखि | देखकर | seeing |
| पुनि | फिर | again |
| त्रिजटाँ | त्रिजटा ने | Trijata, Sita’s rakshasi companion |
| कहा | कहा | said |
4अब मरिहि रिपु एहि बिधि सुनहि सुंदरि तजहि संसय महा॥
English explanation
Listen, beautiful lady: the enemy will now die in this manner; abandon your great doubt.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अब | अब | now |
| मरिहि | मरेगा | will die |
| रिपु | शत्रु (रावण) | the enemy (Ravana) |
| एहि | इस | this |
| बिधि | प्रकार | manner |
| सुनहि | सुनो | listen |
| सुंदरि | हे सुंदरी (सीता) | O beautiful lady (Sita) |
| तजहि | छोड़ दो | abandon |
| संसय | संदेह | doubt |
| महा | बड़ा | great |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.99
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 875
- सहायक विषय
- त्रिजटा-सीता-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 873, 874
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।