लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
अति गर्ब गनइ न सगुन असगुन स्रवहिं आयुध हाथ ते।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दअत्यन्त गर्वके कारण वह शकुन-अशकुनका विचार नहीं करता। हथियार हाथोंसे गिर रहे हैं। योद्धा रथसे गिर पड़ते हैं। घोड़े, हाथी साथ छोड़कर चिग्घाड़ते हुए भाग जाते हैं। स्यार, गीध, कौए और गदहे शब्द कर रहे हैं। बहुत अधिक कुत्ते बोल रहे हैं। उल्लू ऐसे अत्यन्त भयानक शब्द कर रहे हैं, मानो कालके दूत हों (मृत्युका सँदेशा सुना रहे हों)।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 848 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अति गर्ब गनइ न सगुन असगुन स्रवहिं आयुध हाथ ते।
भट गिरत रथ ते बाजि गज चिक्करत भाजहिं साथ ते॥
गोमाय गीध कराल खर रव स्वान बोलहिं अति घने।
जनु कालदूत उलूक बोलहिं बचन परम भयावने॥
स्रोत अभिलेख 6.78 · पुस्तक पृ. 848, 848
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1अति गर्ब गनइ न सगुन असगुन स्रवहिं आयुध हाथ ते।
English explanation
AI draft: In his excessive pride, he disregards good and bad omens; weapons slip from hands.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अति | अत्यधिक | excessive |
| गर्ब | गर्व के कारण | because of pride |
| गनइ | गिनता है; महत्त्व देता है | takes account of; heeds |
| न | नहीं | not |
| सगुन | शुभ शकुन | favorable omens |
| असगुन | अशुभ शकुन | unfavorable omens |
| स्रवहिं | फिसलकर गिर रहे हैं | are slipping and falling |
| आयुध | हथियार | weapons |
| हाथ | हाथों | hands |
| ते | से | from |
2भट गिरत रथ ते बाजि गज चिक्करत भाजहिं साथ ते॥
English explanation
Warriors fall from their chariots; horses and elephants cry out and flee from the company.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भट | योद्धा | warriors |
| गिरत | गिर रहे हैं | are falling |
| रथ | रथों | chariots |
| ते | से | from |
| बाजि | घोड़े | horses |
| गज | हाथी | elephants |
| चिक्करत | चीखते हुए | crying out |
| भाजहिं | भाग रहे हैं | are fleeing |
| साथ | साथ के दल | the accompanying company |
| ते | से | from |
3गोमाय गीध कराल खर रव स्वान बोलहिं अति घने।
English explanation
Jackals, vultures, and dogs repeatedly utter dreadful, harsh cries.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गोमाय | सियार | jackals |
| गीध | गिद्ध | vultures |
| कराल | भयंकर | dreadful |
| खर | कर्कश | harsh |
| रव | स्वर; ध्वनि | cries; sounds |
| स्वान | कुत्ते | dogs |
| बोलहिं | बोल रहे हैं | are calling out |
| अति | बहुत | very |
| घने | बार-बार; लगातार | frequently; repeatedly |
4जनु कालदूत उलूक बोलहिं बचन परम भयावने॥
English explanation
The owls seem like messengers of death, uttering exceedingly terrifying words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जनु | मानो | as though |
| कालदूत | मृत्यु के दूत | messengers of death |
| उलूक | उल्लू | owls |
| बोलहिं | बोल रहे हैं | are uttering |
| बचन | वचन | words |
| परम | अत्यंत | exceedingly |
| भयावने | भय उत्पन्न करने वाले | terrifying |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.78
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 848
- सहायक विषय
- मेघनाद-यज्ञ-विध्वंस, युद्ध और मेघनाद-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 848, 848
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।