लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सुनु मतिमंद देहि अब पूरा। काटें सीस कि होइअ सूरा।।
मूल पाठ
सुनु मतिमंद देहि अब पूरा। काटें सीस कि होइअ सूरा।।
इंद्रजालि कहु कहिअ न बीरा। काटइ निज कर सकल सरीरा।।
स्रोत अभिलेख 6.29 · पुस्तक पृ. 799, 800
भावार्थ
मूल पाठ के बादअरे मन्दबुद्धि! सुन, अब बस कर। सिर काटनेसे भी क्या कोई शूरवीर हो जाता है? इन्द्रजाल रचनेवालेको वीर नहीं कहा जाता, यद्यपि वह अपने ही हाथों अपना सारा शरीर काट डालता है!॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 800 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 सुनु मतिमंद देहि अब पूरा। काटें सीस कि होइअ सूरा।।
English explanation
Listen, dull-witted one! Enough of this boasting now. Does cutting off one’s heads make one a hero?
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुन | listen |
| मतिमंद | हे मंदबुद्धि | you dull-witted one |
| देहि | कर दे | bring to |
| अब | अब | now |
| पूरा | समाप्ति | an end |
| काटें | काटने से | by cutting off |
| सीस | सिर | heads |
| कि | क्या | does |
| होइअ | कोई हो जाता है | one become |
| सूरा | वीर | a hero |
2 इंद्रजालि कहु कहिअ न बीरा। काटइ निज कर सकल सरीरा।।
English explanation
Even a magician who cuts up his entire body with his own hand is not called a hero.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| इंद्रजालि | जादूगर | a magician |
| कहु | को | of |
| कहिअ | कहा जाता | is called |
| न | नहीं | not |
| बीरा | वीर | a hero |
| काटइ | काटता है | cuts up |
| निज | अपने | his own |
| कर | हाथ से | with his hand |
| सकल | पूरा | entire |
| सरीरा | शरीर | body |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.29
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 800
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 799, 800
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।