लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सिर लंगूर लपेटि पछारा। निज तनु प्रगटेसि मरती बारा।।
मूल पाठ
सिर लंगूर लपेटि पछारा। निज तनु प्रगटेसि मरती बारा।।
राम राम कहि छाड़ेसि प्राना। सुनि मन हरषि चलेउ हनुमाना।।
स्रोत अभिलेख 6.58 · पुस्तक पृ. 827, 828
भावार्थ
मूल पाठ के बादहनुमान्जीने उसके सिरको पूँछमें लपेटकर उसे पछाड़ दिया। मरते समय उसने अपना (राक्षसी) शरीर प्रकट किया। उसने राम-राम कहकर प्राण छोड़े। यह (उसके मुँहसे राम-नामका उच्चारण) सुनकर हनुमान्जी मनमें हॢषत होकर चले॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 827 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 सिर लंगूर लपेटि पछारा। निज तनु प्रगटेसि मरती बारा।।
English explanation
Hanuman wrapped his tail around the demon’s head and dashed him down. At the moment of death, the demon revealed his true form.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सिर | उसके सिर पर | around his head |
| लंगूर | पूँछ | tail |
| लपेटि | लपेटकर | having wrapped |
| पछारा | पटक दिया | dashed him down |
| निज | अपना असली | his own true |
| तनु | शरीर | body |
| प्रगटेसि | उसने प्रकट किया | he revealed |
| मरती | मरते | dying |
| बारा | समय | at the time |
2 राम राम कहि छाड़ेसि प्राना। सुनि मन हरषि चलेउ हनुमाना।।
English explanation
Saying “Rama, Rama,” he gave up his life. Hearing this, Hanuman rejoiced inwardly and set off.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | श्रीराम का नाम | the name of Rama |
| राम | श्रीराम का नाम फिर से | Rama’s name repeated |
| कहि | कहकर | having said |
| छाड़ेसि | उसने छोड़ दिए | he gave up |
| प्राना | प्राण | his life |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| मन | मन में | in his heart |
| हरषि | प्रसन्न होकर | rejoicing |
| चलेउ | चल पड़े | set off |
| हनुमाना | हनुमान | Hanuman |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.58
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 827
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका सुषेण वैद्यको लाना एवं संजीवनीके लिये जाना, कालनेमि-रावण-संवाद, मकरी-उद्धार, कालनेमि-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 827, 828
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।