लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
अस कहि गई अपछरा जबहीं। निसिचर निकट गयउ कपि तबहीं।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दऐसा कहकर ज्यों ही वह अप्सरा गयी, त्यों ही हनुमान्जी निशाचरके पास गये। हनुमान्जीने कहा—हे मुनि! पहले गुरुदक्षिणा ले लीजिये। पीछे आप मुझे मन्त्र दीजियेगा॥ २॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 827 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
अस कहि गई अपछरा जबहीं। निसिचर निकट गयउ कपि तबहीं।।
कह कपि मुनि गुरदछिना लेहू। पाछें हमहि मंत्र तुम्ह देहू।।
स्रोत अभिलेख 6.58 · पुस्तक पृ. 827, 828
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 अस कहि गई अपछरा जबहीं। निसिचर निकट गयउ कपि तबहीं।।
English explanation
As soon as the celestial nymph departed after saying this, Hanuman approached the demon.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अस | ऐसा | this |
| कहि | कहकर | having said |
| गई | चली गई | departed |
| अपछरा | स्वर्ग की अप्सरा | the celestial nymph |
| जबहीं | जैसे ही | as soon as |
| निसिचर | राक्षस के | of the demon |
| निकट | पास | near |
| गयउ | गए | went |
| कपि | हनुमान | Hanuman |
| तबहीं | उसी समय | at that very moment |
2 कह कपि मुनि गुरदछिना लेहू। पाछें हमहि मंत्र तुम्ह देहू।।
English explanation
Hanuman said, “O sage, first accept the teacher’s offering; afterward give me the mantra.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कह | कहा | said |
| कपि | हनुमान ने | Hanuman |
| मुनि | हे मुनि | O sage |
| गुरदछिना | गुरु को दी जाने वाली दक्षिणा | an offering to the teacher |
| लेहू | ले लो | accept |
| पाछें | बाद में | afterward |
| हमहि | मुझे | to me |
| मंत्र | मंत्र | the mantra |
| तुम्ह | तुम | you |
| देहू | देना | give |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.58
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 827
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका सुषेण वैद्यको लाना एवं संजीवनीके लिये जाना, कालनेमि-रावण-संवाद, मकरी-उद्धार, कालनेमि-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 827, 828
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।