लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
कपि तव दरस भइउँ निष्पापा। मिटा तात मुनिबर कर सापा।।
मूल पाठ
कपि तव दरस भइउँ निष्पापा। मिटा तात मुनिबर कर सापा।।
मुनि न होइ यह निसिचर घोरा। मानहु सत्य बचन कपि मोरा।।
स्रोत अभिलेख 6.58 · पुस्तक पृ. 827, 828
भावार्थ
मूल पाठ के बाद[उसने कहा—] हे वानर! मैं तुम्हारे दर्शनसे पापरहित हो गयी। हे तात! श्रेष्ठ मुनिका शाप मिट गया। हे कपि! यह मुनि नहीं है, घोर निशाचर है। मेरा वचन सत्य मानो॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 827 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 कपि तव दरस भइउँ निष्पापा। मिटा तात मुनिबर कर सापा।।
English explanation
O Hanuman, seeing you has freed me from sin; dear one, the great sage’s curse has ended.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कपि | हे वानर हनुमान | O Hanuman, the monkey hero |
| तव | तुम्हारे | your |
| दरस | दर्शन से | through seeing you |
| भइउँ | मैं हो गई | I became |
| निष्पापा | पापरहित | free from sin |
| मिटा | मिट गया | ended |
| तात | हे प्रिय पुत्रवत् जन | dear one |
| मुनिबर | श्रेष्ठ मुनि | the great sage |
| कर | का | of |
| सापा | शाप | curse |
2 मुनि न होइ यह निसिचर घोरा। मानहु सत्य बचन कपि मोरा।।
English explanation
This is no sage but a terrible demon. O Hanuman, believe my words to be true.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मुनि | मुनि | a sage |
| न | नहीं | not |
| होइ | है | is |
| यह | यह व्यक्ति | this person |
| निसिचर | राक्षस | a demon |
| घोरा | भयंकर | terrible |
| मानहु | मानो | believe |
| सत्य | सच्चा | true |
| बचन | कथन | statement |
| कपि | हे हनुमान | O Hanuman |
| मोरा | मेरा | my |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.58
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 827
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका सुषेण वैद्यको लाना एवं संजीवनीके लिये जाना, कालनेमि-रावण-संवाद, मकरी-उद्धार, कालनेमि-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 827, 828
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।