लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
सब सुर जिते एक दसकंधर। अब बहु भए तकहु गिरि कंदर।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दएक ही रावणने सब देवताओंको जीत लिया था, अब तो बहुत-से रावण हो गये हैं। इससे अब पहाड़की गुफाओंका आश्रय लो (अर्थात् उनमें छिप रहो)। वहाँ ब्रह्मा, शम्भु और ज्ञानी मुनि ही डटे रहे, जिन्होंने प्रभुकी कुछ महिमा जानी थी॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 870 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
सब सुर जिते एक दसकंधर। अब बहु भए तकहु गिरि कंदर।।
रहे बिरंचि संभु मुनि ग्यानी। जिन्ह जिन्ह प्रभु महिमा कछु जानी।।
स्रोत अभिलेख 6.96 · पुस्तक पृ. 869, 870
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 सब सुर जिते एक दसकंधर। अब बहु भए तकहु गिरि कंदर।।
English explanation
‘A single Ravana defeated all the gods; now there are many—look for mountain caves.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सब | सभी | all |
| सुर | देवताओं को | the gods |
| जिते | जीत लिया | defeated |
| एक | एक ही | a single |
| दसकंधर | दस कंधों वाला रावण | Ravana, the ten-shouldered one |
| अब | अब | now |
| बहु | अनेक | many |
| भए | हो गए हैं | have become |
| तकहु | ढूँढ़ो | look for |
| गिरि | पर्वतों की | of mountains |
| कंदर | गुफाएँ | caves |
2 रहे बिरंचि संभु मुनि ग्यानी। जिन्ह जिन्ह प्रभु महिमा कछु जानी।।
English explanation
Brahma, Shiva, and those wise sages who knew something of Lord Rama’s greatness remained there.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रहे | वहीं ठहरे रहे | remained there |
| बिरंचि | ब्रह्मा, सृष्टिकर्ता | Brahma, the creator |
| संभु | शिव | Shiva |
| मुनि | मुनि | sages |
| ग्यानी | ज्ञानवान | wise |
| जिन्ह | जिन्होंने | those who |
| जिन्ह | जिन्होंने भी | whoever |
| प्रभु | प्रभु राम की | of Lord Rama |
| महिमा | महिमा | greatness |
| कछु | कुछ | something of |
| जानी | जानी थी | had understood |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.96
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 870
- सहायक विषय
- रावण-हनुमान्-युद्ध, रावणका माया रचना, रामजीद्वारा माया-नाश
- मुद्रित पृष्ठ
- 869, 870
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।