लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
रे कुभाग्य सठ मंद कुबुद्धे। तैं सुर नर मुनि नाग बिरुद्धे।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्द[और बोले—] अरे अभागे! मूर्ख, नीच, दुर्बुद्धि! तूने देवता, मनुष्य, मुनि, नाग सभीसे विरोध किया। तूने आदरसहित शिवजीको सिर चढ़ाये। इसीसे एक-एकके बदलेमें करोड़ों पाये॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 868 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
रे कुभाग्य सठ मंद कुबुद्धे। तैं सुर नर मुनि नाग बिरुद्धे।।
सादर सिव कहुँ सीस चढ़ाए। एक एक के कोटिन्ह पाए।।
स्रोत अभिलेख 6.94 · पुस्तक पृ. 867, 868
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 रे कुभाग्य सठ मंद कुबुद्धे। तैं सुर नर मुनि नाग बिरुद्धे।।
English explanation
You ill-fated fool, base and wicked-minded! You have set yourself against gods, humans, sages, and nagas.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| रे | अरे | you! |
| कुभाग्य | अभागे | ill-fated one |
| सठ | मूर्ख | fool |
| मंद | अधम | base one |
| कुबुद्धे | दुर्बुद्धि वाले | wicked-minded one |
| तैं | तू | you |
| सुर | देवताओं | gods |
| नर | मनुष्यों | humans |
| मुनि | मुनियों | sages |
| नाग | नागों | nagas, serpent beings |
| बिरुद्धे | के विरुद्ध हुआ है | have opposed |
2 सादर सिव कहुँ सीस चढ़ाए। एक एक के कोटिन्ह पाए।।
English explanation
You reverently offered your heads to Shiva and received crores of heads in return for each one.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सादर | आदरपूर्वक | reverently |
| सिव | शिव को | Shiva |
| कहुँ | को | to |
| सीस | सिर | heads |
| चढ़ाए | अर्पित किए | offered |
| एक | एक | one |
| एक | एक | each |
| के | के बदले | in return for |
| कोटिन्ह | करोड़ों सिर | crores of heads |
| पाए | प्राप्त किए | received |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.94
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 868
- सहायक विषय
- रावणका विभीषणपर शक्ति छोड़ना, रामजीका शक्तिको अपने ऊपर लेना, विभीषण-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 867, 868
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।