लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
यह सुधि सकल कपिन्ह जब पाई। धाए करि रघुबीर दोहाई।।
मूल पाठ
यह सुधि सकल कपिन्ह जब पाई। धाए करि रघुबीर दोहाई।।
स्रोत अभिलेख 6.79 · पुस्तक पृ. 849, 850
भावार्थ
मूल पाठ के बादजब सब वानरोंने यह खबर पायी, तब वे श्रीरघुवीरकी दुहाई देते हुए दौड़े॥ ७॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 850 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 यह सुधि सकल कपिन्ह जब पाई। धाए करि रघुबीर दोहाई।।
English explanation
When all the monkeys received this news, they rushed forward invoking Rama, the hero of Raghu's lineage.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| यह | यह | this |
| सुधि | समाचार | news |
| सकल | सभी | all |
| कपिन्ह | वानरों ने | the monkeys |
| जब | जब | when |
| पाई | प्राप्त किया | received |
| धाए | दौड़ पड़े | rushed forward |
| करि | करके | making |
| रघुबीर | रघुवंश के वीर राम की | of Rama, hero of Raghu's lineage |
| दोहाई | नाम की पुकार या दुहाई | an invocation of his name |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.79
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 850
- सहायक विषय
- रावणका युद्धके लिये प्रस्थान और श्रीरामजीका विजय-रथ तथा वानर-राक्षसोंका युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 849, 850
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