लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
मंदोदरी बचन सुनि काना। सुर मुनि सिद्ध सबन्हि सुख माना।।
मूल पाठ
मंदोदरी बचन सुनि काना। सुर मुनि सिद्ध सबन्हि सुख माना।।
अज महेस नारद सनकादी। जे मुनिबर परमारथबादी।।
स्रोत अभिलेख 6.105 · पुस्तक पृ. 883, 883
भावार्थ
मूल पाठ के बादमन्दोदरीके वचन कानोंसे सुनकर देवता, मुनि और सिद्ध सभीने सुख माना। ब्रह्मा, महादेव, नारद और सनकादि तथा और भी जो परमार्थवादी (परमात्माके तत्त्वको जानने और कहनेवाले) श्रेष्ठ मुनि थे॥ १॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 883 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 मंदोदरी बचन सुनि काना। सुर मुनि सिद्ध सबन्हि सुख माना।।
English explanation
AI draft: Hearing Mandodari’s words, all the gods, sages, and perfected beings felt joy.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंदोदरी | रावण की पत्नी मंदोदरी के | of Mandodari, Ravana’s wife |
| बचन | वचन | words |
| सुनि | सुनकर | having heard |
| काना | कानों से | with their ears |
| सुर | देवता | gods |
| मुनि | मुनि | sages |
| सिद्ध | सिद्ध पुरुष | spiritually perfected beings |
| सबन्हि | सभी ने | all of them |
| सुख | सुख | joy |
| माना | अनुभव किया | experienced |
2 अज महेस नारद सनकादी। जे मुनिबर परमारथबादी।।
English explanation
AI draft: Brahma, Shiva, Narada, and Sanaka and the other eminent sages who expound spiritual truth—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अज | ब्रह्मा | Brahma, the creator god |
| महेस | महेश अर्थात शिव | Shiva |
| नारद | देवर्षि नारद | Narada, the divine sage |
| सनकादी | सनक आदि मुनि | Sanaka and the other sages |
| जे | जो | who |
| मुनिबर | श्रेष्ठ मुनि | eminent sages |
| परमारथबादी | परमार्थ का प्रतिपादन करने वाले | exponents of spiritual truth |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.105
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 883
- सहायक विषय
- मन्दोदरी-विलाप, रावणकी अन्त्येष्टि-क्रिया
- मुद्रित पृष्ठ
- 883, 883
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।