लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भागत पट पटकहिं धरि धरनी। करहिं भालु कपि अद्भुत करनी।।
मूल पाठ
भागत पट पटकहिं धरि धरनी। करहिं भालु कपि अद्भुत करनी।।
गहि पद डारहिं सागर माहीं। मकर उरग झष धरि धरि खाहीं।।
स्रोत अभिलेख 6.47 · पुस्तक पृ. 817, 818
भावार्थ
मूल पाठ के बादभागते हुए राक्षस योद्धाओंको वानर और भालू पकड़कर पृथ्वीपर दे मारते हैं। और अद्भुत (आश्चर्यजनक) करनी करते हैं (युद्धकौशल दिखलाते हैं)। पैर पकड़कर उन्हें समुद्रमें डाल देते हैं। वहाँ मगर, साँप और मच्छ उन्हें पकड़-पकड़कर खा डालते हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 818 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1 भागत पट पटकहिं धरि धरनी। करहिं भालु कपि अद्भुत करनी।।
English explanation
The bears and monkeys seize the fleeing demons and slam them onto the ground with a thud, performing astonishing feats.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भागत | भागते हुए राक्षसों को | the fleeing demons |
| पट | धड़ाम से | with a thud |
| पटकहिं | पटकते हैं | slam down |
| धरि | पकड़कर | having seized |
| धरनी | धरती पर | onto the ground |
| करहिं | करते हैं | perform |
| भालु | भालू योद्धा | bear warriors |
| कपि | वानर योद्धा | monkey warriors |
| अद्भुत | अद्भुत | astonishing |
| करनी | कर्म; वीरता के कार्य | deeds; feats |
2 गहि पद डारहिं सागर माहीं। मकर उरग झष धरि धरि खाहीं।।
English explanation
They seize the demons by the feet and throw them into the sea, where crocodiles, serpents, and fish catch and devour them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गहि | पकड़कर | having grasped |
| पद | पैर | feet |
| डारहिं | फेंकते हैं | throw |
| सागर | समुद्र | the sea |
| माहीं | में | into; in |
| मकर | मगर जैसे जलचर | crocodiles or similar aquatic creatures |
| उरग | साँप | serpents |
| झष | मछलियाँ | fish |
| धरि | पकड़कर | catching |
| धरि | बार-बार पकड़कर | catching repeatedly |
| खाहीं | खाती हैं | devour |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.47
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 818
- सहायक विषय
- युद्धारम्भ
- मुद्रित पृष्ठ
- 817, 818
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।