लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
भालु बलीमुख पाइ प्रकासा। धाए हरष बिगत श्रम त्रासा।।
मूल पाठ
भालु बलीमुख पाइ प्रकासा। धाए हरष बिगत श्रम त्रासा।।
हनूमान अंगद रन गाजे। हाँक सुनत रजनीचर भाजे।।
स्रोत अभिलेख 6.47 · पुस्तक पृ. 817, 818
भावार्थ
मूल पाठ के बादभालू और वानर प्रकाश पाकर श्रम और भयसे रहित तथा प्रसन्न होकर दौड़े। हनुमान् और अङ्गद रणमें गरज उठे। उनकी हाँक सुनते ही राक्षस भाग छूटे॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 818 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 भालु बलीमुख पाइ प्रकासा। धाए हरष बिगत श्रम त्रासा।।
English explanation
With the light restored, the bears and monkeys rushed forward joyfully, their fatigue and fear gone.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| भालु | भालू योद्धा | bear warriors |
| बलीमुख | वानर | monkeys |
| पाइ | पाकर | having obtained |
| प्रकासा | प्रकाश | light |
| धाए | दौड़ पड़े | rushed forward |
| हरष | हर्ष से | with joy |
| बिगत | दूर हो गए | gone; dispelled |
| श्रम | थकान | fatigue |
| त्रासा | भय | fear |
2 हनूमान अंगद रन गाजे। हाँक सुनत रजनीचर भाजे।।
English explanation
Hanuman and Angada roared on the battlefield. Hearing their battle cries, the demons fled.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हनूमान | वानरवीर हनुमान | Hanuman, the monkey warrior |
| अंगद | वानरवीर अंगद | Angada, the monkey warrior |
| रन | रणभूमि में | in battle |
| गाजे | गरजे | roared |
| हाँक | ललकार | battle cry |
| सुनत | सुनते ही | upon hearing |
| रजनीचर | राक्षस; निशाचर | demons; night-roamers |
| भाजे | भाग गए | fled |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.47
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 818
- सहायक विषय
- युद्धारम्भ
- मुद्रित पृष्ठ
- 817, 818
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