लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बोलि लिए कपि निकर बहोरी। सकल सुनहु बिनती कछु मोरी।।
मूल पाठ
बोलि लिए कपि निकर बहोरी। सकल सुनहु बिनती कछु मोरी।।
राम चरन पंकज उर धरहू। कौतुक एक भालु कपि करहू।।
स्रोत अभिलेख 6.1 · पुस्तक पृ. 772, 773
भावार्थ
मूल पाठ के बादफिर वानरोंके समूहको बुला लिया [और कहा—] आप सब लोग मेरी कुछ विनती सुनिये। अपने हृदयमें श्रीरामजीके चरण-कमलोंको धारण कर लीजिये और सब भालू और वानर एक खेल कीजिये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 773 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बोलि लिए कपि निकर बहोरी। सकल सुनहु बिनती कछु मोरी।।
English explanation
Then he summoned the monkey bands and said, ‘All of you, hear a request of mine.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बोलि | बुलाकर | calling |
| लिए | ले लिया; एकत्र किया | gathered |
| कपि | वानरों के | of monkeys |
| निकर | समूह | bands |
| बहोरी | फिर | again |
| सकल | तुम सब | all of you |
| सुनहु | सुनो | listen |
| बिनती | विनती | request |
| कछु | एक छोटी-सी | a small |
| मोरी | मेरी | of mine |
2 राम चरन पंकज उर धरहू। कौतुक एक भालु कपि करहू।।
English explanation
Hold Rama’s lotus feet in your hearts. Bears and monkeys, perform a wondrous feat.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम के | Rama’s |
| चरन | चरण | feet |
| पंकज | कमल-जैसे | lotus-like |
| उर | हृदय में | in the heart |
| धरहू | धारण करो | hold |
| कौतुक | अद्भुत कार्य | wondrous feat |
| एक | एक | one |
| भालु | हे रीछो | O bears |
| कपि | हे वानरो | O monkeys |
| करहू | करो | perform |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 773
- सहायक विषय
- मंगलाचरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 772, 773
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