लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जामवंत बोले दोउ भाई। नल नीलहि सब कथा सुनाई।।
मूल पाठ
जामवंत बोले दोउ भाई। नल नीलहि सब कथा सुनाई।।
राम प्रताप सुमिरि मन माहीं। करहु सेतु प्रयास कछु नाहीं।।
स्रोत अभिलेख 6.1 · पुस्तक पृ. 772, 773
भावार्थ
मूल पाठ के बादजाम्बवान्ने नल-नील दोनों भाइयोंको बुलाकर उन्हें सारी कथा कह सुनायी [और कहा—] मनमें श्रीरामजीके प्रतापको स्मरण करके सेतु तैयार करो, [रामप्रतापसे] कुछ भी परिश्रम नहीं होगा॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 773 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जामवंत बोले दोउ भाई। नल नीलहि सब कथा सुनाई।।
English explanation
Jambavan called the two brothers, Nala and Nila, and told them the whole matter.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जामवंत | रीछों के प्रमुख जामवंत | Jambavan, chief of the bears |
| बोले | बुलाया | called |
| दोउ | दोनों | both |
| भाई | भाइयों को | brothers |
| नल | सेतु-निर्माता वानर नल | Nala, the monkey bridge-builder |
| नीलहि | वानर नील को | to Nila, the monkey leader |
| सब | सारी | the whole |
| कथा | बात | matter |
| सुनाई | सुनाई | explained |
2 राम प्रताप सुमिरि मन माहीं। करहु सेतु प्रयास कछु नाहीं।।
English explanation
Remember Rama’s might in your hearts and build the bridge; it will involve no difficulty.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम का | Rama’s |
| प्रताप | प्रताप | might |
| सुमिरि | स्मरण करके | remembering |
| मन | मन | the heart |
| माहीं | में | in |
| करहु | बनाओ | build |
| सेतु | पुल | the bridge |
| प्रयास | कठिन परिश्रम | arduous effort |
| कछु | कुछ भी | any |
| नाहीं | नहीं होगा | there will be none |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.1
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 773
- सहायक विषय
- मंगलाचरण
- मुद्रित पृष्ठ
- 772, 773
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।