लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बलिहि जितन एक गयउ पताला। राखेउ बाँधि सिसुन्ह हयसाला।।
मूल पाठ
बलिहि जितन एक गयउ पताला। राखेउ बाँधि सिसुन्ह हयसाला।।
खेलहिं बालक मारहिं जाई। दया लागि बलि दीन्ह छोड़ाई।।
स्रोत अभिलेख 6.24 · पुस्तक पृ. 794, 796
भावार्थ
मूल पाठ के बादएक रावण तो बलिको जीतने पातालमें गया था, तब बच्चोंने उसे घुड़सालमें बाँध रखा। बालक खेलते थे और जा-जाकर उसे मारते थे। बलिको दया लगी, तब उन्होंने उसे छुड़ा दिया॥ ७॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 795 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बलिहि जितन एक गयउ पताला। राखेउ बाँधि सिसुन्ह हयसाला।।
English explanation
One Ravana went to the netherworld to conquer Bali; the children bound him and kept him in the stable.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बलिहि | राजा बलि को | King Bali |
| जितन | जीतने के लिए | to conquer |
| एक | एक रावण | one Ravana |
| गयउ | गया | went |
| पताला | पाताल लोक में | to the netherworld |
| राखेउ | रख दिया | kept |
| बाँधि | बाँधकर | having bound |
| सिसुन्ह | बच्चों ने | the children |
| हयसाला | घुड़साल में | in the stable |
2 खेलहिं बालक मारहिं जाई। दया लागि बलि दीन्ह छोड़ाई।।
English explanation
The children played and went to strike him; moved by pity, Bali had him released.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| खेलहिं | खेलते थे | played |
| बालक | बच्चे | children |
| मारहिं | मारते थे | struck him |
| जाई | जाकर | going there |
| दया | दया | pity |
| लागि | आने पर | on being moved by |
| बलि | राजा बलि ने | King Bali |
| दीन्ह | करवा दिया | had it done |
| छोड़ाई | छुड़वाना; मुक्त करना | released |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.24
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 795
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 794, 796
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