लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बालि बिमल जस भाजन जानी। हतउँ न तोहि अधम अभिमानी।।
मूल पाठ
बालि बिमल जस भाजन जानी। हतउँ न तोहि अधम अभिमानी।।
कहु रावन रावन जग केते। मैं निज श्रवन सुने सुनु जेते।।
स्रोत अभिलेख 6.24 · पुस्तक पृ. 794, 796
भावार्थ
मूल पाठ के बादअरे नीच अभिमानी! बालिके निर्मल यशका पात्र (कारण) जानकर तुम्हें मैं नहीं मारता। रावण! यह तो बता कि जगत्में कितने रावण हैं? मैंने जितने रावण अपने कानोंसे सुन रखे हैं, उन्हें सुन—॥ ६॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 795 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बालि बिमल जस भाजन जानी। हतउँ न तोहि अधम अभिमानी।।
English explanation
Knowing Bali to be a bearer of spotless fame, I do not kill you, base and arrogant one.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बालि | बालि को; अंगद के पिता को | Bali, Angada's father |
| बिमल | निर्मल | spotless |
| जस | यश का | of fame |
| भाजन | पात्र | bearer; vessel |
| जानी | जानकर | knowing |
| हतउँ | मैं मारता हूँ | I kill |
| न | नहीं | not |
| तोहि | तुम्हें | you |
| अधम | हे नीच | O base one |
| अभिमानी | अहंकारी | arrogant one |
2 कहु रावन रावन जग केते। मैं निज श्रवन सुने सुनु जेते।।
English explanation
Tell me, Ravana, how many Ravanas are there in the world? Listen to those I have heard about with my own ears.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| कहु | बताओ | tell me |
| रावन | हे रावण | O Ravana |
| रावन | रावण नाम वाले | Ravanas |
| जग | संसार में | in the world |
| केते | कितने | how many |
| मैं | मैंने | I |
| निज | अपने | my own |
| श्रवन | कानों से | with ears |
| सुने | सुने हैं | have heard of |
| सुनु | सुनो | listen |
| जेते | जितने | as many as |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.24
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 795
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 794, 796
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