लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
बड़भागी अंगद हनुमाना। चरन कमल चापत बिधि नाना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दपरम भाग्यशाली अंगद और हनुमान् अनेकों प्रकारसे प्रभुके चरणकमलोंको दबा रहे हैं। लक्ष्मणजी कमरमें तरकस कसे और हाथोंमें धनुष-बाण लिये वीरासनसे प्रभुके पीछे सुशोभित हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 782 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
बड़भागी अंगद हनुमाना। चरन कमल चापत बिधि नाना।।
प्रभु पाछें लछिमन बीरासन। कटि निषंग कर बान सरासन।।
स्रोत अभिलेख 6.11 · पुस्तक पृ. 782, 782
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 बड़भागी अंगद हनुमाना। चरन कमल चापत बिधि नाना।।
English explanation
The greatly fortunate Angada and Hanuman were massaging Rama’s lotus-like feet in various ways.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| बड़भागी | अत्यंत सौभाग्यशाली | greatly fortunate |
| अंगद | बालि के पुत्र अंगद | Angada, son of Bali |
| हनुमाना | राम के सेवक हनुमान | Hanuman, Rama’s devoted attendant |
| चरन | पैरों को | feet |
| कमल | कमल-समान | lotus-like |
| चापत | दबा रहे हैं | are massaging |
| बिधि | तरीकों से | in ways |
| नाना | अनेक | various |
2 प्रभु पाछें लछिमन बीरासन। कटि निषंग कर बान सरासन।।
English explanation
Behind Lord Rama, Lakshmana sat in a warrior’s posture, with a quiver at his waist and arrows and a bow in his hands.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| प्रभु | प्रभु राम के | Lord Rama |
| पाछें | पीछे | behind |
| लछिमन | राम के छोटे भाई लक्ष्मण | Lakshmana, Rama’s younger brother |
| बीरासन | वीरों की बैठने की मुद्रा में | in a warrior’s seated posture |
| कटि | कमर पर | at the waist |
| निषंग | तरकश | quiver |
| कर | हाथों में | in the hands |
| बान | बाण | arrows |
| सरासन | धनुष | bow |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.11
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 782
- सहायक विषय
- सुबेलपर श्रीरामजीकी झाँकी और चन्द्रोदयवर्णन
- मुद्रित पृष्ठ
- 782, 782
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।