लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पुनि नल नीलहि अवनि पछारेसि। जहँ तहँ पटकि पटकि भट डारेसि।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दफिर उसने नल-नीलको पृथ्वीपर पछाड़ दिया और दूसरे योद्धाओंको भी जहाँ-तहाँ पटक- पटककर डाल दिया। वानरसेना भाग चली। सब अत्यन्त भयभीत हो गये, कोई सामने नहीं आता॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 835 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
पुनि नल नीलहि अवनि पछारेसि। जहँ तहँ पटकि पटकि भट डारेसि।।
चली बलीमुख सेन पराई। अति भय त्रसित न कोउ समुहाई।।
स्रोत अभिलेख 6.65 · पुस्तक पृ. 834, 835
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पुनि नल नीलहि अवनि पछारेसि। जहँ तहँ पटकि पटकि भट डारेसि।।
English explanation
Then he dashed Nala and Nila to the ground and repeatedly flung warriors down here and there.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पुनि | फिर | then |
| नल | वानर योद्धा नल को | Nala, the monkey warrior |
| नीलहि | वानर योद्धा नील को | Nila, the monkey warrior |
| अवनि | धरती पर | to the ground |
| पछारेसि | उसने पटक दिया | he dashed down |
| जहँ | जहाँ | where |
| तहँ | तहाँ; यहाँ-वहाँ | there; here and there |
| पटकि | पटककर | dashing down |
| पटकि | बार-बार पटककर | repeatedly dashing down |
| भट | योद्धाओं को | warriors |
| डारेसि | उसने फेंक दिया | he flung down |
2 चली बलीमुख सेन पराई। अति भय त्रसित न कोउ समुहाई।।
English explanation
The monkey army fled. Terrified, none would face him.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चली | चल पड़ी | set off |
| बलीमुख | वानरों की | of monkeys |
| सेन | सेना | army |
| पराई | भागकर | fleeing |
| अति | अत्यंत | extremely |
| भय | भय से | by fear |
| त्रसित | डरे हुए | terrified |
| न | नहीं | not |
| कोउ | कोई भी | anyone |
| समुहाई | सामने आता, मुकाबला करता | faces him; confronts him |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.65
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 835
- सहायक विषय
- कुम्भकर्ण-युद्ध और उसकी परमगति
- मुद्रित पृष्ठ
- 834, 835
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।