लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
पाहि पाहि रघुबीर गोसाई। यह खल खाइ काल की नाई।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दहे रघुवीर! हे गोसाईं! रक्षा कीजिये, रक्षा कीजिये। यह दुष्ट कालकी भाँति हमें खा रहा है। उसने देखा कि सब वानर भाग छूटे। तब [रावणने] दसों धनुषोंपर बाण सन्धान किये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 853 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
पाहि पाहि रघुबीर गोसाई। यह खल खाइ काल की नाई।।
तेहि देखे कपि सकल पराने। दसहुँ चाप सायक संधाने।।
स्रोत अभिलेख 6.82 · पुस्तक पृ. 853, 853
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 पाहि पाहि रघुबीर गोसाई। यह खल खाइ काल की नाई।।
English explanation
‘Protect us, protect us, heroic Rama of Raghu's lineage, our lord! This wicked one is devouring us like Death.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पाहि | रक्षा कीजिए | protect us |
| पाहि | रक्षा कीजिए | protect us |
| रघुबीर | हे रघुवंश के वीर राम | O Rama, hero of Raghu's lineage |
| गोसाई | हे स्वामी | O lord |
| यह | यह रावण | this Ravana |
| खल | दुष्ट | wicked one |
| खाइ | खा रहा है | is devouring us |
| काल | काल, मृत्यु | Death |
| की | के | of |
| नाई | समान, तरह | like; in the manner |
2 तेहि देखे कपि सकल पराने। दसहुँ चाप सायक संधाने।।
English explanation
Ravana saw that all the monkeys had fled; he fitted arrows to all ten of his bows.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उसने, रावण ने | he, Ravana |
| देखे | देखा | saw |
| कपि | वानर | monkeys |
| सकल | सभी | all |
| पराने | भाग गए | had fled |
| दसहुँ | दसों | all ten |
| चाप | धनुषों पर | on the bows |
| सायक | बाण | arrows |
| संधाने | चढ़ाए, संधान किए | fitted for shooting |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.82
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 853
- सहायक विषय
- रावणका युद्धके लिये प्रस्थान और श्रीरामजीका विजय-रथ तथा वानर-राक्षसोंका युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 853, 853
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।