लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
इत उत झपटि दपटि कपि जोधा। मर्दै लाग भयउ अति क्रोधा।।
मूल पाठ
इत उत झपटि दपटि कपि जोधा। मर्दै लाग भयउ अति क्रोधा।।
चले पराइ भालु कपि नाना। त्राहि त्राहि अंगद हनुमाना।।
स्रोत अभिलेख 6.82 · पुस्तक पृ. 853, 853
भावार्थ
मूल पाठ के बादउसे बहुत ही क्रोध हुआ। वह इधर-उधर झपटकर और डपटकर वानर योद्धाओंको मसलने लगा। अनेकों वानर-भालू 'हे अंगद! हे हनुमान्! रक्षा करो, रक्षा करो [पुकारते हुए] भाग चले॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 853 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 इत उत झपटि दपटि कपि जोधा। मर्दै लाग भयउ अति क्रोधा।।
English explanation
In extreme anger, Ravana darted here and there, shouting threateningly, and began crushing the monkey warriors.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| इत | इधर | here |
| उत | उधर | there |
| झपटि | झपटकर | darting at them |
| दपटि | डाँटकर, ललकारकर | shouting threateningly |
| कपि | वानर | monkey |
| जोधा | योद्धाओं को | warriors |
| मर्दै | कुचलने, मर्दन करने | crushing |
| लाग | लगा | began |
| भयउ | हो गया | became |
| अति | अत्यंत | extremely |
| क्रोधा | क्रोध से भरा | filled with anger |
2 चले पराइ भालु कपि नाना। त्राहि त्राहि अंगद हनुमाना।।
English explanation
Many bears and monkeys fled, crying, ‘Save us, save us, Angada and Hanuman!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| चले | चल पड़े | set off |
| पराइ | भागकर | fleeing |
| भालु | भालू | bears |
| कपि | वानर | monkeys |
| नाना | अनेक, तरह-तरह के | many, various |
| त्राहि | बचाओ | save us |
| त्राहि | बचाओ | save us |
| अंगद | हे अंगद, बालि के पुत्र | O Angada, son of Bali |
| हनुमाना | हे हनुमान, वानर वीर | O Hanuman, monkey hero |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.82
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 853
- सहायक विषय
- रावणका युद्धके लिये प्रस्थान और श्रीरामजीका विजय-रथ तथा वानर-राक्षसोंका युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 853, 853
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।