लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
दस दिसि दाह होन अति लागा। भयउ परब बिनु रबि उपरागा।।
मूल पाठ
दस दिसि दाह होन अति लागा। भयउ परब बिनु रबि उपरागा।।
मंदोदरि उर कंपति भारी। प्रतिमा स्त्रवहिं नयन मग बारी।।
स्रोत अभिलेख 6.102 · पुस्तक पृ. 878, 879
भावार्थ
मूल पाठ के बाददसों दिशाओंमें अत्यन्त दाह होने लगा (आग लगने लगी)। बिना ही पर्व (योग) के सूर्यग्रहण होने लगा। मन्दोदरीका हृदय बहुत काँपने लगा। मूर्तियाँ नेत्र-मार्गसे जल बहाने लगीं॥ ५॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 879 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 दस दिसि दाह होन अति लागा। भयउ परब बिनु रबि उपरागा।।
English explanation
Intense burning began in all ten directions. A solar eclipse occurred outside its appointed astronomical juncture.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दस | दसों | all ten |
| दिसि | दिशाओं में | in the directions |
| दाह | दाह; जलन | burning; scorching heat |
| होन | होने | to occur |
| अति | बहुत अधिक | intensely |
| लागा | लगा | began |
| भयउ | हुआ | occurred |
| परब | नियत ग्रहण-पर्व | the appointed eclipse juncture |
| बिनु | बिना | without |
| रबि | सूर्य का | of the sun |
| उपरागा | ग्रहण | eclipse |
2 मंदोदरि उर कंपति भारी। प्रतिमा स्त्रवहिं नयन मग बारी।।
English explanation
Mandodari’s heart trembled greatly. Water streamed from the eyes of the images.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मंदोदरि | रावण की पत्नी मंदोदरी का | of Mandodari, Ravana’s wife |
| उर | हृदय | heart |
| कंपति | काँपता है | trembles |
| भारी | बहुत अधिक | greatly |
| प्रतिमा | मूर्तियाँ | images; statues |
| स्त्रवहिं | बहाती हैं | shed; let flow |
| नयन | आँखों के | of the eyes |
| मग | मार्ग से | through |
| बारी | जल | water |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.102
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 879
- सहायक विषय
- राम-रावण-युद्ध, रावण-वध, सर्वत्र जयध्वनि
- मुद्रित पृष्ठ
- 878, 879
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