लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तैं निसिचर पति गर्ब बहूता। मैं रघुपति सेवक कर दूता।।
मूल पाठ
तैं निसिचर पति गर्ब बहूता। मैं रघुपति सेवक कर दूता।।
जौं न राम अपमानहि डरउँ। तोहि देखत अस कौतुक करऊँ।।
स्रोत अभिलेख 6.3 · पुस्तक पृ. 800, 801
भावार्थ
मूल पाठ के बादतू राक्षसोंका राजा और बड़ा अभिमानी है। परन्तु मैं तो श्रीरघुनाथजीके सेवक (सुग्रीव) का दूत (सेवकका भी सेवक) हूँ। यदि मैं श्रीरामजीके अपमानसे न डरूँ तो तेरे देखते-देखते ऐसा तमाशा करूँ कि—॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 800 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तैं निसिचर पति गर्ब बहूता। मैं रघुपति सेवक कर दूता।।
English explanation
You are the lord of the demons and are exceedingly proud; I am the messenger of Rama’s servant.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तैं | तू | you |
| निसिचर | राक्षसों का | of the demons |
| पति | स्वामी; राजा | lord; king |
| गर्ब | अभिमान | pride |
| बहूता | बहुत | great; much |
| मैं | मैं | I |
| रघुपति | रघुवंश के स्वामी श्रीराम के | of Rama, lord of Raghu’s lineage |
| सेवक | सेवक | servant |
| कर | का | of |
| दूता | दूत | messenger |
2 जौं न राम अपमानहि डरउँ। तोहि देखत अस कौतुक करऊँ।।
English explanation
If I did not fear dishonoring Rama, I would perform such a feat before your very eyes—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| न | नहीं | not |
| राम | श्रीराम के | of Rama |
| अपमानहि | अपमान से | dishonor |
| डरउँ | मैं डरूँ | I feared |
| तोहि | तेरे | your |
| देखत | देखते हुए | while watching |
| अस | ऐसा | such |
| कौतुक | करतब; अद्भुत कार्य | feat; extraordinary act |
| करऊँ | मैं करूँ | I would perform |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 800
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 800, 801
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