लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
नाहिं त करि मुख भंजन तोरा। लै जातेउँ सीतहि बरजोरा।।
मूल पाठ
नाहिं त करि मुख भंजन तोरा। लै जातेउँ सीतहि बरजोरा।।
जानेउँ तव बल अधम सुरारी। सूनें हरि आनिहि परनारी।।
स्रोत अभिलेख 6.3 · पुस्तक पृ. 800, 801
भावार्थ
मूल पाठ के बादनहीं तो तेरे मुँह तोड़कर मैं सीताजीको जबरदस्ती ले जाता। अरे अधम! देवताओंके शत्रु! तेरा बल तो मैंने तभी जान लिया जब तू सूनेमें परायी स्त्रीको हर (चुरा) लाया॥ ३॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 800 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 नाहिं त करि मुख भंजन तोरा। लै जातेउँ सीतहि बरजोरा।।
English explanation
Otherwise, I would have smashed your face and taken Sita away by force.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नाहिं | नहीं | not |
| त | तो | then |
| करि | करके | having done |
| मुख | मुँह | face |
| भंजन | तोड़ना | smashing |
| तोरा | तेरा | your |
| लै | लेकर | taking |
| जातेउँ | मैं चला जाता | I would have gone away |
| सीतहि | सीता को | Sita |
| बरजोरा | बलपूर्वक | by force |
2 जानेउँ तव बल अधम सुरारी। सूनें हरि आनिहि परनारी।।
English explanation
Base enemy of the gods, I know your strength: you abducted another man’s wife when she was unprotected and brought her here.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जानेउँ | मैं जान गया हूँ | I have come to know |
| तव | तेरा | your |
| बल | बल | strength |
| अधम | हे नीच | O base one |
| सुरारी | हे देवताओं के शत्रु | O enemy of the gods |
| सूनें | सूने में; रक्षक न होने पर | in an unguarded moment |
| हरि | हरकर; अपहरण करके | having abducted |
| आनिहि | तू ले आया | you brought |
| परनारी | दूसरे की पत्नी | another man’s wife |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.3
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 800
- सहायक विषय
- अंगदजीका लंका जाना और रावणकी सभामें अंगद-रावण-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 800, 801
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