लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तासु मुकुट तुम्ह चारि चलाए। कहहु तात कवनी बिधि पाए।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दउसके चार मुकुट तुमने फेंके। हे तात! बताओ, तुमने उनको किस प्रकारसे पाया! [अंगदने कहा] हे सर्वज्ञ! हे शरणागतको सुख देनेवाले! सुनिये। वे मुकुट नहीं हैं। वे तो राजाके चार गुण हैं॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 809 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तासु मुकुट तुम्ह चारि चलाए। कहहु तात कवनी बिधि पाए।।
सुनु सर्बग्य प्रनत सुखकारी। मुकुट न होहिं भूप गुन चारी।।
स्रोत अभिलेख 6.38 · पुस्तक पृ. 809, 810
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 तासु मुकुट तुम्ह चारि चलाए। कहहु तात कवनी बिधि पाए।।
English explanation
You sent four of his crowns here. Dear son, tell me how you obtained them.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तासु | उसके | his |
| मुकुट | मुकुट | crowns |
| तुम्ह | तुमने | you |
| चारि | चार | four |
| चलाए | भेजे; उछालकर भेजे | sent; flung over |
| कहहु | बताओ | tell me |
| तात | प्रिय पुत्र | dear son |
| कवनी | किस | what |
| बिधि | रीति से | by what means |
| पाए | प्राप्त किए | obtained |
2 सुनु सर्बग्य प्रनत सुखकारी। मुकुट न होहिं भूप गुन चारी।।
English explanation
Angada replied: Listen, all-knowing giver of happiness to those who seek refuge. They are not crowns, but four royal qualities.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनु | सुनिए | listen |
| सर्बग्य | हे सब कुछ जानने वाले | O all-knowing one |
| प्रनत | शरणागतों को | to those who bow in refuge |
| सुखकारी | सुख देने वाले | giver of happiness |
| मुकुट | मुकुट | crowns |
| न | नहीं | not |
| होहिं | हैं | are |
| भूप | राजा के | a king's |
| गुन | गुण | qualities |
| चारी | चार | four |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.38
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 809
- सहायक विषय
- अंगद-राम-संवाद
- मुद्रित पृष्ठ
- 809, 810
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।