लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
तब सत बान सारथी मारेसि। परेउ भूमि जय राम पुकारेसि।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दतब उसने श्रीरामजीके सारथिको सौ बाण मारे। वह श्रीरामजीकी जय पुकारकर पृथ्वीपर गिर पड़ा। श्रीरामजीने कृपा करके सारथिको उठाया। तब प्रभु अत्यन्त क्रोधको प्राप्त हुए॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 864 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
तब सत बान सारथी मारेसि। परेउ भूमि जय राम पुकारेसि।।
राम कृपा करि सूत उठावा। तब प्रभु परम क्रोध कहुँ पावा।।
स्रोत अभिलेख 6.91 · पुस्तक पृ. 864, 864
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 तब सत बान सारथी मारेसि। परेउ भूमि जय राम पुकारेसि।।
English explanation
Then Ravana struck the charioteer with a hundred arrows. The charioteer fell to the ground and cried, ‘Victory to Rama!’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| सत | सौ | a hundred |
| बान | बाण | arrows |
| सारथी | राम के सारथी को | Rama’s charioteer |
| मारेसि | उसने मारे | he struck with |
| परेउ | गिर पड़ा | fell |
| भूमि | भूमि पर | to the ground |
| जय | जय हो | victory to |
| राम | राम की | Rama |
| पुकारेसि | उसने पुकारा | he cried out |
2 राम कृपा करि सूत उठावा। तब प्रभु परम क्रोध कहुँ पावा।।
English explanation
Rama compassionately raised the charioteer. Then the Lord became intensely angry.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| राम | राम ने | Rama |
| कृपा | कृपा | compassion |
| करि | करके | showing |
| सूत | सारथी को | the charioteer |
| उठावा | उठाया | raised up |
| तब | तब | then |
| प्रभु | प्रभु राम | Lord Rama |
| परम | अत्यंत | extreme |
| क्रोध | क्रोध | anger |
| कहुँ | को | to |
| पावा | प्राप्त हुए | came into |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.91
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 864
- सहायक विषय
- इन्द्रका श्रीरामजीके लिये रथ भेजना, राम-रावण-युद्ध
- मुद्रित पृष्ठ
- 864, 864
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