लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जौं तेहि आजु बधें बिनु आवौं। तौ रघुपति सेवक न कहावौं।।
मूल पाठ
जौं तेहि आजु बधें बिनु आवौं। तौ रघुपति सेवक न कहावौं।।
जौं सत संकर करहिं सहाई। तदपि हतउँ रघुबीर दोहाई।।
स्रोत अभिलेख 6.75 · पुस्तक पृ. 844, 845
भावार्थ
मूल पाठ के बादयदि मैं आज उसे बिना मारे आऊँ, तो श्रीरघुनाथजीका सेवक न कहलाऊँ। यदि सैकड़ों शङ्कर भी उसकी सहायता करें तो भी श्रीरघुवीरकी दुहाई है; आज मैं उसे मार ही डालूँगा॥ ७॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 845 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जौं तेहि आजु बधें बिनु आवौं। तौ रघुपति सेवक न कहावौं।।
English explanation
If I return today without killing him, may I not be called Rama’s servant.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि | if |
| तेहि | उसे; मेघनाद को | him, Meghnad |
| आजु | आज | today |
| बधें | वध किए | having killed |
| बिनु | बिना | without |
| आवौं | मैं लौटूँ | I return |
| तौ | तो | then |
| रघुपति | राम का | of Rama |
| सेवक | सेवक | servant |
| न | नहीं | not |
| कहावौं | मैं कहलाऊँ | may I be called |
2 जौं सत संकर करहिं सहाई। तदपि हतउँ रघुबीर दोहाई।।
English explanation
Even if a hundred Shivas help him, I shall still kill him—I swear by Rama.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जौं | यदि; भले ही | even if |
| सत | सौ | a hundred |
| संकर | शंकर; शिव | Shiva |
| करहिं | करें | provide |
| सहाई | सहायता | help |
| तदपि | तब भी | even then |
| हतउँ | मैं मारूँगा | I shall kill him |
| रघुबीर | वीर राम की | by heroic Rama |
| दोहाई | दुहाई; शपथ | solemn invocation; oath |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.75
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 845
- सहायक विषय
- मेघनादका युद्ध, रामजीका लीलासे नागपाशमें बँधना
- मुद्रित पृष्ठ
- 844, 845
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।