लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जोरि पानि सबहीं सिर नाए। सहित बिभीषन प्रभु पहिं आए।।
मूल पाठ
जोरि पानि सबहीं सिर नाए। सहित बिभीषन प्रभु पहिं आए।।
तब रघुबीर बोलि कपि लीन्हे। कहि प्रिय बचन सुखी सब कीन्हे।।
स्रोत अभिलेख 6.106 · पुस्तक पृ. 883, 884
भावार्थ
मूल पाठ के बादसभीने हाथ जोड़कर उनको सिर नवाये। तदनन्तर विभीषणजीसहित सब प्रभुके पास आये। तब श्रीरघुवीरने वानरोंको बुला लिया और प्रिय वचन कहकर सबको सुखी किया॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 884 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जोरि पानि सबहीं सिर नाए। सहित बिभीषन प्रभु पहिं आए।।
English explanation
All joined their hands and bowed their heads, then came to Lord Rama with Vibhishana.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जोरि | जोड़कर | having joined |
| पानि | हाथ | hands |
| सबहीं | सबने | all of them |
| सिर | सिर | their heads |
| नाए | झुकाए | bowed |
| सहित | साथ | together with |
| बिभीषन | विभीषण के | Vibhishana |
| प्रभु | प्रभु श्रीराम के | Lord Rama |
| पहिं | पास | to the presence of |
| आए | आए | came |
2 तब रघुबीर बोलि कपि लीन्हे। कहि प्रिय बचन सुखी सब कीन्हे।।
English explanation
Then Rama, the hero of Raghu’s lineage, called the monkeys to him and made them all happy with affectionate words.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तब | तब | then |
| रघुबीर | रघुकुल के वीर श्रीराम ने | Rama, hero of the Raghu lineage |
| बोलि | बुलाकर | having called |
| कपि | वानरों को | the monkeys |
| लीन्हे | ले लिया | to himself |
| कहि | कहकर | having spoken |
| प्रिय | प्रिय और स्नेहपूर्ण | affectionate and pleasing |
| बचन | वचन | words |
| सुखी | प्रसन्न | happy |
| सब | सबको | all of them |
| कीन्हे | किया | made |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.106
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 884
- सहायक विषय
- मन्दोदरी-विलाप, रावणकी अन्त्येष्टि-क्रिया
- मुद्रित पृष्ठ
- 883, 884
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