लङ्काकाण्ड · छंद · छंद
किए सुखी कहि बानी सुधा सम बल तुम्हारें रिपु हयो।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दभगवान्ने अमृतके समान यह वाणी कहकर सबको सुखी किया कि तुम्हारे ही बलसे यह प्रबल शत्रु मारा गया और विभीषणने राज्य पाया। इसके कारण तुम्हारा यश तीनों लोकोंमें नित्य नया बना रहेगा। जो लोग मेरेसहित तुम्हारी शुभ कीर्तिको परम प्रेमके साथ गायेंगे वे बिना ही परिश्रम इस अपार संसारसागरका पार पा जायँगे।
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 884 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
किए सुखी कहि बानी सुधा सम बल तुम्हारें रिपु हयो।
पायो बिभीषन राज तिहुँ पुर जसु तुम्हारो नित नयो॥
मोहि सहित सुभ कीरति तुम्हारी परम प्रीति जो गाइहैं।
संसार सिंधु अपार पार प्रयास बिनु नर पाइहैं॥
स्रोत अभिलेख 6.106 · पुस्तक पृ. 883, 884
शब्द-दर-शब्द अर्थ
1किए सुखी कहि बानी सुधा सम बल तुम्हारें रिपु हयो।
English explanation
The Lord delighted them with nectar-like words: “Through your strength, the enemy was slain.”
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| किए | किया; उन्हें बना दिया | made them |
| सुखी | प्रसन्न | happy |
| कहि | कहकर | by saying |
| बानी | वाणी; वचन | words; speech |
| सुधा | अमृत | nectar |
| सम | के समान | like |
| बल | बल से | through the strength |
| तुम्हारें | तुम्हारे | your |
| रिपु | शत्रु; रावण | the enemy, Ravana |
| हयो | मारा गया | was slain |
2पायो बिभीषन राज तिहुँ पुर जसु तुम्हारो नित नयो॥
English explanation
Vibhishana gained the kingdom, and your fame is ever fresh throughout the three worlds.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पायो | प्राप्त किया | obtained |
| बिभीषन | विभीषण ने; रावण के भाई और राम के सहयोगी | Vibhishana, Ravana’s brother and Rama’s ally |
| राज | राज्य | the kingdom |
| तिहुँ | तीनों | all three |
| पुर | लोकों में | in the worlds |
| जसु | यश | fame |
| तुम्हारो | तुम्हारा | your |
| नित | नित्य; प्रतिदिन | ever; daily |
| नयो | नया; ताज़ा | new; fresh |
3मोहि सहित सुभ कीरति तुम्हारी परम प्रीति जो गाइहैं।
English explanation
Those who sing your noble glory together with mine, with deepest love—
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मोहि | मुझे; यहाँ मेरी कीर्ति को | me; here, my glory |
| सहित | के साथ | together with |
| सुभ | शुभ; मंगलमयी | noble; auspicious |
| कीरति | कीर्ति; यश | glory; renown |
| तुम्हारी | तुम्हारी | your |
| परम | अत्यंत; सर्वोच्च | deepest; utmost |
| प्रीति | प्रेम से | with love |
| जो | जो लोग | those who |
| गाइहैं | गाएँगे | will sing |
4संसार सिंधु अपार पार प्रयास बिनु नर पाइहैं॥
English explanation
Those people will reach the far shore of the boundless ocean of worldly existence without effort.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| संसार | संसार; सांसारिक अस्तित्व | worldly existence |
| सिंधु | समुद्र | ocean |
| अपार | असीम; जिसका पार न दिखे | boundless |
| पार | दूसरा तट; पार | the far shore |
| प्रयास | प्रयत्न | effort |
| बिनु | बिना | without |
| नर | मनुष्य; वे लोग | people; those persons |
| पाइहैं | पा लेंगे | will attain |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- छंद
- स्रोत अभिलेख
- 6.106
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 884
- सहायक विषय
- मन्दोदरी-विलाप, रावणकी अन्त्येष्टि-क्रिया
- मुद्रित पृष्ठ
- 883, 884
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।