लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जामवंत कह बैद सुषेना। लंकाँ रहइ को पठई लेना।।
भावार्थ
पहले अर्थ, फिर शब्दजाम्बवान्ने कहा—लङ्कामें सुषेण वैद्य रहता है, उसे ले आनेके लिये किसको भेजा जाय? हनुमान्जी छोटा रूप धरकर गये और सुषेणको उसके घरसमेत तुरंत ही उठा लाये॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 825 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
मूल पाठ
जामवंत कह बैद सुषेना। लंकाँ रहइ को पठई लेना।।
धरि लघु रूप गयउ हनुमंता। आनेउ भवन समेत तुरंता।।
स्रोत अभिलेख 6.55 · पुस्तक पृ. 825, 825
शब्द-दर-शब्द अर्थ
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1 जामवंत कह बैद सुषेना। लंकाँ रहइ को पठई लेना।।
English explanation
Jambavan said, ‘The physician Sushena lives in Lanka; send someone to fetch him.’
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जामवंत | रीछों के प्रमुख जामवंत | Jambavan, chief of the bears |
| कह | कहते हैं | says |
| बैद | वैद्य | physician |
| सुषेना | वैद्य सुषेण | Sushena, the physician |
| लंकाँ | लंका में | in Lanka |
| रहइ | रहते हैं | lives |
| को | किसी को | someone |
| पठई | भेजिए | send |
| लेना | लाने के लिए | to fetch him |
2 धरि लघु रूप गयउ हनुमंता। आनेउ भवन समेत तुरंता।।
English explanation
Hanuman assumed a small form, went, and immediately brought Sushena along with his house.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| धरि | धारण करके | assuming |
| लघु | छोटा | small |
| रूप | आकार; रूप | form |
| गयउ | गए | went |
| हनुमंता | हनुमान | Hanuman, Rama's devoted servant |
| आनेउ | ले आए; सुषेण को | brought Sushena |
| भवन | घर | house |
| समेत | सहित | together with |
| तुरंता | तुरंत | immediately |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.55
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 825
- सहायक विषय
- हनुमान्जीका सुषेण वैद्यको लाना एवं संजीवनीके लिये जाना, कालनेमि-रावण-संवाद, मकरी-उद्धार, कालनेमि-उद्धार
- मुद्रित पृष्ठ
- 825, 825
विषय-शीर्षक पुस्तक की विषय-सूची से हैं; पृष्ठ-मिलान अनुमानित है और एक अंश में कई प्रसंग आ सकते हैं।