लङ्काकाण्ड · चौपाई · चौपाई
जहँ तहँ भागि चले कपि रीछा। बिसरी सबहि जुद्ध कै ईछा।।
मूल पाठ
जहँ तहँ भागि चले कपि रीछा। बिसरी सबहि जुद्ध कै ईछा।।
सो कपि भालु न रन महँ देखा। कीन्हेसि जेहि न प्रान अवसेषा।।
स्रोत अभिलेख 6.5 · पुस्तक पृ. 820, 821
भावार्थ
मूल पाठ के बादरीछ-वानर जहाँ-तहाँ भाग चले। सबको युद्धकी इच्छा भूल गयी। रणभूमिमें ऐसा एक भी वानर या भालू नहीं दिखायी पड़ा जिसको उसने प्राणमात्र अवशेष न कर दिया हो (अर्थात् जिसके केवल प्राणमात्र ही न बचे हों; बल, पुरुषार्थ सारा जाता न रहा हो)॥ ४॥
स्रोत: सचित्र, सटीक गीता प्रेस संस्करण · PDF पृ. 821 · मूल पाठ अलग स्रोत-अभिलेख से · स्रोत-स्थिति
शब्द-दर-शब्द अर्थ
AI शब्दार्थनीचे के शब्दार्थ AI प्रारूप हैं; विद्वान-समीक्षा बाकी है। ऊपर का भावार्थ PDF संस्करण से है।अर्थ कैसे बने, इसकी प्रक्रिया स्रोत पृष्ठ पर पढ़ें।
1 जहँ तहँ भागि चले कपि रीछा। बिसरी सबहि जुद्ध कै ईछा।।
English explanation
The vanaras and bears fled in every direction; all lost their desire to fight.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जहँ | जहाँ | where |
| तहँ | तहाँ | there |
| भागि | भागकर | fleeing |
| चले | चले गए | went away |
| कपि | वानर | vanaras |
| रीछा | रीछ | bears |
| बिसरी | भूल गई | was forgotten |
| सबहि | सभी को | by all |
| जुद्ध | युद्ध | battle |
| कै | की | for |
| ईछा | इच्छा | desire |
2 सो कपि भालु न रन महँ देखा। कीन्हेसि जेहि न प्रान अवसेषा।।
English explanation
No vanara or bear was seen on the battlefield whom he had not reduced to barely clinging to life.
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सो | ऐसा | such a |
| कपि | वानर | vanara |
| भालु | रीछ | bear |
| न | नहीं | not |
| रन | रणभूमि | battlefield |
| महँ | में | in |
| देखा | दिखाई दिया | was seen |
| कीन्हेसि | उसने कर दिया | he had rendered |
| जेहि | जिसे | whom |
| न | न | not |
| प्रान | प्राण | life |
| अवसेषा | मात्र शेष | barely remaining |
स्रोत और प्रसंग
- काण्ड
- लङ्काकाण्ड
- पद
- चौपाई
- स्रोत अभिलेख
- 6.5
- भावार्थ पृष्ठ
- PDF पृ. 821
- सहायक विषय
- माल्यवान्का रावणको समझाना
- मुद्रित पृष्ठ
- 820, 821
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